ज्योतिषशास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम का प्रतीक माना गया है। यह ग्रह व्यक्ति को साहस, निर्णय शक्ति और करियर में सफलता प्रदान करता है। जिनकी कुंडली में मंगल शुभ स्थिति में होता है, वे जीवन में तेजी से आगे बढ़ते हैं और संघर्षों पर विजय प्राप्त करते हैं। लेकिन जब मंगल ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में आ जाता है, तो व्यक्ति को अनेक कठिनाइयों, मानसिक तनाव और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। वर्तमान समय में मंगल ग्रह अस्त अवस्था में हैं, जिससे कई राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। आइए जानते हैं कुंडली में कमजोर मंगल के लक्षण और इसे मजबूत करने के उपाय।
कुंडली में कमजोर मंगल के प्रमुख लक्षण
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर होता है, तो सबसे पहले उसके स्वभाव और जीवन में असंतुलन दिखाई देने लगता है। ऐसे व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है और वह अक्सर विवादों में उलझ जाता है। परिवार और समाज में बार-बार मतभेद या झगड़े होना भी कमजोर मंगल का संकेत है।
कमजोर मंगल वाले लोगों में आत्मविश्वास की कमी देखी जाती है। निर्णय लेने में असमंजस बना रहता है और उनके मन में अनचाहा डर व असुरक्षा का भाव रहता है। करियर की दृष्टि से भी ये लोग संघर्षों का सामना करते हैं। मेहनत करने के बावजूद सफलता देर से मिलती है या कभी-कभी मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी कमजोर मंगल का प्रभाव शरीर पर पड़ता है। ऐसे लोगों को अक्सर रक्तचाप, रक्त की कमी या थकान जैसी समस्याएं परेशान करती हैं। शरीर में ऊर्जा की कमी रहती है और मानसिक बेचैनी बनी रहती है।
कमजोर मंगल को मजबूत करने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ सरल और प्रभावी उपाय करके कमजोर मंगल को मजबूत किया जा सकता है। ये उपाय जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करते हैं।
1. हनुमान चालीसा का पाठ करें:
मंगल ग्रह का सीधा संबंध भगवान हनुमान से माना गया है। यदि आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है, तो हर मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करें। नियमित रूप से पाठ करने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
2. हनुमानजी को चोला चढ़ाएं:
मंगलवार के दिन भगवान हनुमान को सिंदूर, चमेली के तेल और लाल वस्त्र से चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे न केवल मंगल दोष शांत होता है, बल्कि व्यक्ति का साहस और आत्मबल भी बढ़ता है।
3. मंगल मंत्र का जप करें:
मंगल को प्रसन्न करने के लिए ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। जप के समय तिल के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। यह मंत्र व्यक्ति के जीवन से अशांति दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
4. मंगलवार का व्रत रखें:
मंगलवार को व्रत रखने से मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन लाल वस्त्र पहनें, लाल फूल अर्पित करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं। व्रत के दिन संयम और पवित्रता बनाए रखें तथा गरीबों को गुड़ या चना दान करें।
5. मूंगा रत्न धारण करें:
जिनकी कुंडली में मंगल अत्यंत कमजोर हो, वे किसी योग्य ज्योतिष की सलाह लेकर मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं। यह रत्न आत्मविश्वास बढ़ाता है और जीवन में सफलता के द्वार खोलता है।
मंगल ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति का आत्मबल, पराक्रम और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है। इसलिए मंगल को प्रसन्न करने के ये उपाय जीवन में सकारात्मकता लाते हैं और कठिनाइयों को दूर करते हैं। जब मंगल शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति हर चुनौती को अवसर में बदल देता है।