ज्योतिष शास्त्र में शुक्र देव को सुख, वैभव, प्रेम, सुंदरता और विलासिता का कारक ग्रह माना जाता है। जब भी शुक्र अपनी चाल या नक्षत्र बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। आज रात 9 बजकर 51 मिनट पर शुक्र देव पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं और 19 मई 2026 तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र का अपने ही नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए चुनौतियां और परेशानियां लेकर आ सकता है। ऐसे में इन जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
क्या होता है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र?
वैदिक ज्योतिष में पूरे आकाश मंडल को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है। पूर्वाषाढ़ा इनमें 20वां नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं, जबकि इसके अधिपति देवता जल माने जाते हैं। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संबंध भावनाओं, आकर्षण, विलासिता और मानसिक स्थिरता से माना जाता है। ऐसे में शुक्र का इस नक्षत्र में प्रवेश कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।
कन्या राशि वालों को रहना होगा सतर्क
शुक्र का यह गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए आर्थिक चुनौतियां बढ़ा सकता है। अचानक खर्चों में वृद्धि होने से बजट बिगड़ सकता है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में भी छोटी-छोटी गलतियों से नुकसान होने की आशंका है। इसलिए धन संबंधी फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।
वृश्चिक राशि पर पड़ सकता है स्वास्थ्य प्रभाव
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से थोड़ा कमजोर रह सकता है। वाणी में कटुता के कारण परिवार या मित्रों से विवाद होने की संभावना बन सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए फिलहाल बड़े निवेश से बचना उचित रहेगा।
मकर राशि के कामों में आ सकती हैं बाधाएं
मकर राशि के जातकों को इस दौरान कार्यों में रुकावट और देरी का सामना करना पड़ सकता है। बनते हुए काम अचानक अटक सकते हैं। वाहन चलाते समय और किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए शुक्रवार से कुछ उपाय शुरू किए जा सकते हैं। सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद मिठाई का दान करना शुभ माना गया है।
इसके अलावा नियमित रूप से “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से भी लाभ मिलता है। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना तथा इत्र या सुगंध का प्रयोग करना शुक्र ग्रह को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।