Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > आरती/मंत्र > प्रत्येक दिन करें श्री दुर्गा चालीसा का पाठ, सब दुख दूर करेंगी जगदम्बा भवानी
आरती/मंत्र

प्रत्येक दिन करें श्री दुर्गा चालीसा का पाठ, सब दुख दूर करेंगी जगदम्बा भवानी

नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी

दिव्यसुधा
Last updated: September 2, 2025 6:25 pm
दिव्यसुधा
Share
मां दुर्गा की स्तुति से हर कष्ट होगा दूर
SHARE
Highlights
  • नवमी तिथि पर दुर्गा चालीसा पाठ का विशेष महत्व
  • मां दुर्गा की कृपा से रोग, शोक और भय दूर होते हैं
  • शत्रुओं पर विजय और आत्मबल प्राप्त होता है

आज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इस पावन दिन को देवी दुर्गा की विशेष पूजा और स्तुति का महत्व है। मान्यता है कि यदि इस दिन श्रद्धापूर्वक श्री दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाए तो मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेती हैं। नवमी तिथि को देवी दुर्गा के चरणों में भक्ति अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ऐसे में दुर्गा चालीसा का पाठ न केवल आज के दिन, बल्कि प्रत्येक दिन करने से जीवन में शक्ति, साहस और समृद्धि आती है।

दुर्गा चालीसा का पाठ क्यों है इतना फलदायी?
शास्त्रों और पुराणों में दुर्गा चालीसा को एक ऐसा अद्भुत स्तोत्र माना गया है जिसमें मां दुर्गा के सभी रूपों का वर्णन मिलता है। यह पाठ व्यक्ति के भय और शोक को दूर करता है। जीवन में आने वाली रुकावटें और शत्रुओं का नाश होता है। मां दुर्गा की कृपा से रोग, शोक और मृत्यु भय समाप्त होता है। भक्त के अंदर आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

दुर्गा चालीसा का प्रारंभ इन पंक्तियों से होता है –
"नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥"

ये ही शब्द बताते हैं कि मां दुर्गा अपने भक्तों के सुख की करने वाली और दुख हरने वाली शक्ति हैं।

नवमी तिथि पर विशेष महत्व
भाद्रपद शुक्ल नवमी को मां दुर्गा की आराधना का अत्यधिक महत्व बताया गया है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि नवमी तिथि पर दुर्गा चालीसा का पाठ करने से भक्त को उतना ही पुण्य प्राप्त होता है जितना नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत और पूजा करने से होता है। शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर) भी नजदीक हैं, ऐसे में आज का दिन भक्तों के लिए एक विशेष संकल्प लेने का अवसर है कि वे रोजाना दुर्गा चालीसा का पाठ करेंगे या कम से कम प्रत्येक शुक्रवार को इसका पाठ करेंगे।

दुर्गा चालीसा में समाहित मां दुर्गा की महिमा
दुर्गा चालीसा में मां दुर्गा के अन्नपूर्णा, काली, भवानी, गौरी, महाकाली, महिषासुरमर्दिनी, तारा, भुवनेश्वरी आदि स्वरूपों का वर्णन है। इसमें देवी के दानव संहार की गाथा, भक्त प्रह्लाद की रक्षा, अन्न और धन की प्रदायिनी शक्ति, और भय व दुख दूर करने वाले स्वरूप का वर्णन मिलता है। जब भी संसार में अधर्म और अन्याय बढ़ा है, मां दुर्गा ने अपने अलग-अलग रूप धारण करके संतों और भक्तों की रक्षा की है।

कब और कैसे करें दुर्गा चालीसा का पाठ?
प्रतिदिन सुबह स्नान करके पूजा स्थल पर दीपक जलाकर चालीसा का पाठ करें। यदि प्रतिदिन संभव न हो, तो प्रत्येक शुक्रवार को अवश्य करें। शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक इसका पाठ करना विशेष फलदायी है। पाठ करते समय मन को पूरी तरह एकाग्र रखें और मां दुर्गा का ध्यान करें।

दुर्गा चालीसा पाठ से मिलने वाले लाभ

  • रोग और कष्ट दूर होते हैं।
  • शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  • घर-परिवार में सुख-शांति आती है।
  • धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
  • मन में साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है।

धार्मिक दृष्टि से संदेश
श्री दुर्गा चालीसा केवल एक स्तुति मात्र नहीं है, बल्कि यह भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम है। जो भी भक्त इसे श्रद्धा और विश्वास से पढ़ता है, उसका जीवन कठिनाइयों से मुक्त होकर उन्नति की ओर अग्रसर होता है।

TAGGED:bhaktiDurgaChalisahumare bhgwanMaaDurgamandirNavami2025Navratri2025सनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article सुंदरकांड की इस चौपाई का कर लें जाप, शनिदेव संग हनुमान जी भी होंगे प्रसन्न, दूर होंगे संकट
Next Article करमा पर्व 2025: प्रकृति और भाई–बहन के रिश्ते को समर्पित आदिवासी उत्सव
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

पूजा में चप्पल-जूते क्यों वर्जित हैं? जानिए इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक रहस्य

By दिव्यसुधा
कनिपकम गणपति मंदिर
मंदिर

कनिपकम गणपति मंदिर : तीन बातें जो इसे बनाती हैं अद्भुत

By दिव्यसुधा
कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान कर अन्न, वस्त्र और दीपक का दान करते हुए
अन्य

शुक्रवार की रात का विशेष उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की हो पूर्ण प्राप्ति

By दिव्यसुधा
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

जानें वास्तु अनुसार पेड़-पौधे लगाने की सही दिशा, बदलेगी किस्मत

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?