Friday, 9 Oct 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > नवरात्रि के पहले दिन करें ये 5 काम, मां दुर्गा की मिलेगी कृपा
अन्य

नवरात्रि के पहले दिन करें ये 5 काम, मां दुर्गा की मिलेगी कृपा

दिव्यसुधा
Last updated: October 8, 2026 10:41 am
दिव्यसुधा
Share
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा और कलश स्थापना
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और मां दुर्गा की आराधना
SHARE

शक्ति की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए विशेष माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार जप-तप एवं सेवा करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में सच्चे मन से की गई मां भगवती की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और भक्त को माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि के पहले दिन यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ही कुछ विशेष धार्मिक कार्य करने की परंपरा है। यदि श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन कार्यों को किया जाए, तो नवरात्रि की साधना को अधिक फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं वे कार्य कौन से हैं।

विधि-विधान से करें कलश स्थापना

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश को शक्ति, समृद्धि और जीवन का प्रतीक माना जाता है। पूजा स्थल पर कलश स्थापित करके मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। इसके बाद नौ दिनों तक इसी कलश के सामने दीप प्रज्वलित कर माता की पूजा, मंत्र जाप और आराधना की जाती है। कलश स्थापना भक्त को पूरे नवरात्रि काल में साधना और भक्ति से जोड़े रखने का माध्यम बनती है। इसे मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक भी माना जाता है।

करें दुर्गा सप्तशती का पाठ

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। इसमें मां दुर्गा की महिमा, उनके विभिन्न स्वरूपों और दैवी शक्ति का वर्णन मिलता है। सामर्थ्य हो तो नवरात्रि के दौरान नियमित रूप से इसका पाठ किया जा सकता है। यदि प्रतिदिन पूरा पाठ करना संभव न हो, तो देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का पाठ भी श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है। समय के अनुसार दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों को नौ दिनों में बांटकर भी पाठ किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि पाठ श्रद्धा, शुद्ध भाव और नियमितता के साथ किया जाए।

नवार्ण मंत्र का करें जाप

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।”

मां दुर्गा की उपासना में इस मंत्र का जाप भक्तिभाव से किया जाता है। मान्यता है कि इसमें देवी की विभिन्न शक्तियों का स्मरण होता है। समय कम हो तो श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं। नियमित मंत्र जाप मन को एकाग्र करने और साधना में स्थिरता लाने में सहायक माना जाता है।

कन्या पूजन और कन्या भोज करें

नवरात्रि में कन्या पूजन की परंपरा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप के रूप में सम्मान देने की परंपरा है। सामर्थ्य के अनुसार नवरात्रि के किसी दिन कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें वस्त्र, फल या अपनी श्रद्धा के अनुसार उपहार दिए जा सकते हैं। कन्याओं के प्रति सम्मान और सेवा को मां भगवती की आराधना का ही एक रूप माना जाता है। इसलिए कन्या पूजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान का भी प्रतीक है।

जरूरतमंदों की सेवा और दान करें

नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और व्रत का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और दान का भी अवसर है। इस दौरान गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल, दवाएं या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान की जा सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति विधि-विधान से पूजा या मंत्र जाप नहीं कर पाता, तो वह जरूरतमंदों की सेवा और जीवों के प्रति दया के माध्यम से भी अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सकता है। किसी बच्ची की शिक्षा में सहयोग करना, किसी जरूरतमंद परिवार की सहायता करना या भूखे व्यक्ति को भोजन कराना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है।

TAGGED:Durga PujaDurga Saptashatihindu festivalKalash SthapanaKanya BhojKanya Pujanmaa durgaMaa Durga BlessingsNavarna MantraNavratri 2026Navratri DaanNavratri PujaSanatan DharmaShardiya Navratri
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 9 अक्टूबर 2026 का सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल 8 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल
Next Article नवरात्रि में कलश स्थापना और अखंड ज्योत की पूजा नवरात्रि कलश स्थापना: सामग्री, विधि और अखंड ज्योत के नियम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में अष्टविनायक स्वरूपों से सजे स्वर्ण-रजत मुख्य कपाट
अन्य

मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर: अष्टविनायक स्वर्ण-रजत कपाट

By दिव्यसुधा
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की दिवाली पूजा करते हुए भक्त
अन्य

दिवाली पूजन के नियम: इन बातों का ध्यान रखने से बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

By दिव्यसुधा
अन्य

शनि देव का चमत्कारी मंत्र, जिसमें छिपा है श्री कृष्ण का नाम

By दिव्यसुधा
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026, प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के साथ
अन्य

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 | पीएम मोदी का संदेश और सोमनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?