सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व माना गया है। इस महीने में आने वाले सभी मंगलवार को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भक्तराज हनुमान की पहली भेंट प्रभु श्रीराम से हुई थी। यही कारण है कि इस पूरे महीने संकटमोचन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। आज ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल है, जिसे भक्त अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मना रहे हैं।
इस पावन दिन देशभर के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है, राहगीरों को शरबत और ठंडा पानी पिलाया जाता है तथा वातावरण “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों से भक्तिमय हो उठता है। मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
बड़े मंगल पर पूजा का शुभ मुहूर्त
आज के दिन हनुमान जी की पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। वैसे तो बजरंगबली की पूजा पूरे दिन की जा सकती है, लेकिन सुबह और शाम का समय विशेष फलदायी माना गया है।
सुबह 5:30 बजे से लेकर सुबह 9:00 बजे तक पूजा का श्रेष्ठ समय रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, जो हर प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। वहीं शाम को सूर्यास्त के बाद 6:45 बजे से रात 8:30 बजे तक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और आरती करना विशेष पुण्यदायी माना गया है।
हनुमान जी की सरल पूजा विधि
बड़े मंगल के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो लाल या पीले रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि ये रंग हनुमान जी को प्रिय माने जाते हैं। इसके बाद घर के मंदिर या किसी हनुमान मंदिर में जाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
सबसे पहले हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। गाय के घी या चमेली के तेल का दीपक अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद बजरंगबली को गंगाजल अर्पित करें और लाल फूल, तुलसी दल या गोमती चक्र चढ़ाएं। चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाने की भी विशेष परंपरा है।
भोग में बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, गुड़-चना या हलवा-पूड़ी अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में कपूर से आरती करके अपनी मनोकामना प्रकट करें और भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।
बड़े मंगल के अचूक उपाय
बड़े मंगल के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
तुलसी माला का उपाय
आज के दिन 108 तुलसी के पत्तों पर चंदन से “श्रीराम” लिखकर उसकी माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
सुंदरकांड का पाठ
यदि घर में अशांति, तनाव या नकारात्मकता बनी रहती है, तो पूरे परिवार के साथ बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। इससे घर का वातावरण सकारात्मक और शांतिमय बनता है।
पीपल वृक्ष का उपाय
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान जी का स्मरण करें। यह उपाय शनि दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायक माना जाता है।
दान और सेवा का महत्व
बड़े मंगल पर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। राहगीरों को पानी पिलाना, भंडारा करवाना या प्रसाद बांटना हनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करता है। सेवा और दान के इस भाव से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख का संचार होता है।
बड़े मंगल का आध्यात्मिक संदेश
बड़ा मंगल केवल पूजा और व्रत का पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, भक्ति और समर्पण का संदेश भी देता है। हनुमान जी शक्ति, साहस, निष्ठा और विनम्रता के प्रतीक हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन से भय, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होने लगती हैं।
मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन किया गया जप, तप, दान और सेवा कई गुना फल प्रदान करता है। इसलिए इस पावन अवसर पर श्रद्धा और विश्वास के साथ बजरंगबली की पूजा करें और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, शांति और सफलता प्राप्त करें।