सनातन धर्म में सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवता को समर्पित हैं। इनमें से गुरुवार का दिन विशेष रूप से देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। ज्योतिष और धर्म दोनों ही दृष्टि से यह दिन अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। कहा गया है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति की स्थिति उत्तम होती है, उसके जीवन में गुडलक, मान-सम्मान और सुख-संपन्नता की वर्षा होती है। लेकिन यदि इस दिन कुछ कार्य भूल से भी कर लिए जाएं तो ये पुण्यफल के बजाय अशुभ परिणाम ला सकते हैं।
आइए जानते हैं कि गुरुवार के दिन कौन-से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए ताकि देवगुरु बृहस्पति की कृपा बनी रहे —
- बाल, दाढ़ी या नाखून नहीं काटें
गुरुवार को बाल, दाढ़ी, मूंछ और नाखून काटना वर्जित माना गया है। ऐसा करने से सुख-सौभाग्य में कमी आती है और संतान-सुख बाधित होता है। यह कार्य करने से बृहस्पति ग्रह कमजोर होते हैं और जीवन में स्थिरता प्रभावित होती है। - बाल न धोएं और साबुन-शैंपू का उपयोग न करें
गुरुवार के दिन विशेष रूप से विवाहित महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में तनाव और कलह उत्पन्न हो सकता है। मान्यता है कि इस दिन सिर धोने से बृहस्पति का आशीर्वाद कम हो जाता है। - कपड़े न धोएं या प्रेस न करवाएं
गुरुवार को कपड़े धोना या उन्हें प्रेस करवाना धन हानि का कारण बन सकता है। यह दिन स्वच्छता के लिए नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना और पूजा के लिए समर्पित माना गया है। - झाड़ू-पोंछा या जाले न साफ करें
इस दिन घर में झाड़ू लगाना, पोंछा करना या जाले मारना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से घर की लक्ष्मी रूठ जाती हैं और सौभाग्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। - धन उधार न लें और न दें
गुरुवार के दिन किसी को पैसा उधार देना या लेना बृहस्पति दोष को आमंत्रित करता है। इससे आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है और कई बार उधार दिया गया धन वापस नहीं मिलता। - गुरु या बुजुर्गों का अनादर न करें
देवगुरु बृहस्पति ज्ञान और सम्मान के प्रतीक हैं। इस दिन अपने गुरु, शिक्षक या बुजुर्गों की अवहेलना करने से बृहस्पति देव अप्रसन्न हो जाते हैं। इसके विपरीत, इस दिन गुरु की सेवा और सम्मान करने से भाग्य खुलता है। - पवित्र पेड़ों को न काटें
गुरुवार को पीपल, तुलसी या केले के पौधे को काटना या छांटना वर्जित है। ये सभी पेड़ देवगुरु बृहस्पति से जुड़े माने जाते हैं और इनका पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। - दक्षिण दिशा की यात्रा न करें
गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना गया है क्योंकि इस दिन उस दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो भगवान विष्णु का स्मरण कर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। - साधु-संतों का अनादर न करें
गुरुवार के दिन किसी भी संत, महात्मा या ब्राह्मण का अनादर या अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बृहस्पति ग्रह रुष्ट होते हैं और जीवन में दुर्भाग्य प्रवेश करता है। - केले का सेवन न करें
गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन केले का फल नहीं खाना चाहिए। यह देवगुरु बृहस्पति का वाहन माना जाता है और इसका सेवन अशुभ परिणाम दे सकता है।