4 फरवरी 2025 से देवगुरु बृहस्पति वक्री अवस्था से निकलकर मार्गी हो चुके हैं। वैदिक ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, विवाह और समृद्धि का कारक माना गया है। जब गुरु मार्गी होते हैं, तब रुके हुए कार्यों में गति आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस वर्ष गुरु वृषभ राशि में रहते हुए मार्गी होकर भ्रमण करेंगे, जो कई राशियों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध होगा।
साल 2025 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष देवगुरु बृहस्पति तीन बार राशि परिवर्तन करेंगे। 15 मई 2025 को गुरु वृषभ से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 19 अक्टूबर 2025 को वे कर्क राशि में गोचर करेंगे, जहां गुरु उच्च के माने जाते हैं। इसी दौरान 12 नवंबर 2025 को गुरु कर्क राशि में वक्री होंगे और 4 दिसंबर 2025 को पुनः मिथुन राशि में लौट आएंगे। तीन बार राशि बदलने के कारण गुरु अतिचारी कहलाएंगे, यानी उनकी गति सामान्य से तीन गुना तेज होगी। अतिचारी गुरु जीवन में अचानक परिवर्तन, तेज अवसर और त्वरित परिणाम देने वाले माने जाते हैं। जिन लोगों की कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत है, उनके लिए गुरु का मार्गी होना विशेष शुभ फल लेकर आएगा। आइए जानते हैं सभी राशियों पर इसका प्रभाव।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का मार्गी होना उन्नति का संकेत देता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और धन लाभ के अवसर बढ़ेंगे। नया व्यापार या प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए यह समय खुशियां लेकर आएगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से चली आ रही बाधाएं दूर होंगी। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी और निवेश से लाभ मिलने के योग बनेंगे।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए गुरु का मार्गी होना मिलाजुला परिणाम देगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। विरोधी सक्रिय रह सकते हैं, हालांकि मित्रों का सहयोग आपको संभाले रखेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को इस दौरान विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। कार्यों में विलंब संभव है, पर निरंतर प्रयास से सफलता मिलेगी। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक रहेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए गुरु मार्गी होना वरदान समान है। नौकरी और व्यापार में बड़ी सफलता मिल सकती है। मान-सम्मान बढ़ेगा और धन लाभ के नए द्वार खुलेंगे। यात्रा के भी योग बन रहे हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को ऋण से मुक्ति मिल सकती है। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। मेहनत का पूरा फल मिलने लगेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
तुला राशि
तुला राशि के लिए यह समय धर्म-कर्म की ओर झुकाव बढ़ाने वाला है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और आर्थिक आवागमन अच्छा रहेगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों की आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होंगी। सकारात्मक सोच विकसित होगी और अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु का मार्गी होना इस राशि के लिए विशेष शुभ है। मान-सम्मान बढ़ेगा, कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए लाभ के अनेक अवसर बनेंगे। कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेगा और खर्चों में कमी आएगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों को गुरु मार्गी होने से भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। नई योजनाएं सफल होंगी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने लगेंगे।
मीन राशि
मीन राशि के लिए गुरु का मार्गी होना अत्यंत शुभ संकेत है। धन लाभ के प्रबल योग हैं और निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मिक संतोष प्राप्त होगा।
आध्यात्मिक दृष्टि से गुरु मार्गी का महत्व
देवगुरु बृहस्पति केवल भौतिक समृद्धि ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के भी मार्ग खोलते हैं। गुरु का मार्गी होना हमें यह संदेश देता है कि सही कर्म, धैर्य और श्रद्धा से जीवन की दिशा बदली जा सकती है। यह समय ज्ञान अर्जन, सेवा, दान और साधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
गुरु कृपा से जीवन में स्थिरता, विवेक और धर्म का संचार होता है। जो जातक इस अवधि में गुरु मंत्र जप, पीले वस्त्र धारण, गुरुवार व्रत या ब्राह्मण सेवा करते हैं, उन्हें विशेष शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।