Wednesday, 15 Apr 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > बैसाखी 2026: खुशहाली, एकता और नई शुरुआत का पावन पर्व
व्रत और त्योहार

बैसाखी 2026: खुशहाली, एकता और नई शुरुआत का पावन पर्व

दिव्यसुधा
Last updated: April 14, 2026 10:07 am
दिव्यसुधा
Share
बैसाखी 2026 पर गुरुद्वारे में श्रद्धालु, भांगड़ा-गिद्धा नृत्य और नई फसल की खुशी का दृश्य
बैसाखी 2026: नई फसल, नई उम्मीद और खुशियों का उत्सव
SHARE

बैसाखी का त्योहार भारत के प्रमुख और आनंदमय पर्वों में से एक है, जो हर साल 14 अप्रैल को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में नई फसल की खुशी और समृद्धि के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार हमें यह संदेश देता है कि मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है और जीवन में नई शुरुआत का समय हमेशा आशा और उत्साह से भरा होना चाहिए।

खगोलीय महत्व से जुड़ी है बैसाखी
बैसाखी का पर्व मेष संक्रांति के दिन मनाया जाता है, जब सूर्यदेव मेष राशि में प्रवेश करते हैं। वर्ष 2026 में यह संक्रांति 14 अप्रैल को होगी। इस दिन से सूर्य उत्तरायण में अधिक प्रभावी होते हैं और दिन बड़े होने लगते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का संकेत देता है। यह समय कृषि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है।

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
बैसाखी का धार्मिक महत्व गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1699 में इसी दिन उन्होंने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह घटना सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने समाज को साहस, समानता और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया। इसी कारण बैसाखी को सिख नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है।

ऐसे मनाई जाती है बैसाखी
इस पावन दिन की शुरुआत लोग सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से करते हैं। इसके बाद श्रद्धालु गुरुद्वारों में जाकर मत्था टेकते हैं और कीर्तन, अरदास तथा गुरुवाणी का श्रवण करते हैं। स्वर्ण मंदिर सहित सभी प्रमुख गुरुद्वारों को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है। यहां लंगर का आयोजन होता है, जहां सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जो एकता और समानता का प्रतीक है।

इसके साथ ही लोग नए कपड़े पहनते हैं, एक-दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं और भांगड़ा-गिद्धा जैसे पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर करते हैं। शाम के समय उत्सव का माहौल और भी आनंदमय हो जाता है।

बैसाखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा, एकता और समृद्धि का प्रतीक है। यह पर्व हमें मेहनत, विश्वास और मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है, जो समाज को मजबूत और खुशहाल बनाता है।

TAGGED:Baisakhi 2026Guru Gobind Singh JiHarvest Festival IndiaHindu FestivalsIndian FestivalsKhalsa PanthPunjabi CultureSikh FestivalVaisakhi Celebrationबैसाखी
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 14 अप्रैल 2026 राशिफल, सूर्य मेष राशि में प्रवेश, सभी राशियों का दैनिक राशिफल 14 अप्रैल 2026 राशिफल: सूर्य के मेष राशि में प्रवेश का असर
Next Article हाथ में छठी उंगली (पॉलीडैक्टिली) का क्लोज़अप, सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार विश्लेषण हाथ में छठी उंगली का रहस्य: क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र?
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

भौम प्रदोष व्रत कथा और महत्व
व्रत और त्योहार

फाल्गुन माह के भौम प्रदोष व्रत कथा और महत्व

By दिव्यसुधा
माता यशोदा और बाल कृष्ण की पूजा करते भक्त – यशोदा जयंती 2026
व्रत और त्योहार

यशोदा जयंती 2026: सही तिथि, पूजा मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व

By Ekta Mishra
ganesh ji
व्रत और त्योहार

अप्रैल माह में कब है विनायक गणेश चतुर्थी? जानिए शुभ मुहूर्त एवं योग

By दिव्यसुधा
महाशिवरात्रि 2026 पर शिवलिंग पूजन, व्रत और रात्रि जागरण करते श्रद्धालु
व्रत और त्योहार

महाशिवरात्रि 2026: सही तिथि, व्रत का महत्व और पूजन सामग्री की संपूर्ण जानकारी

By Ekta Mishra
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?