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दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > वास्तु में नैऋत्य कोण का महत्व: जानिए नैऋत्य कोण में क्या रखें और क्यों
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

वास्तु में नैऋत्य कोण का महत्व: जानिए नैऋत्य कोण में क्या रखें और क्यों

दिव्यसुधा
Last updated: December 23, 2025 6:53 pm
दिव्यसुधा
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वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण स्थान का महत्व और उसमें रखी जाने वाली वस्तुएं
वास्तु मान्यताओं के अनुसार नैऋत्य कोण एक सुरक्षित और स्थिर स्थान माना जाता है
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वास्तु शास्त्र में घर के प्रत्येक हिस्से का विशेष महत्व बताया गया है और यह माना जाता है कि सही स्थान पर रखी गई वस्तुएं व्यक्ति के जीवन से गहराई से जुड़ जाती हैं। नैऋत्य कोण को वास्तु में एक विशेष और सुरक्षित स्थान माना गया है। मान्यता है कि यहां रखी गई चीजों पर बाहरी परिस्थितियों का प्रभाव बहुत कम पड़ता है और वे लंबे समय तक स्थिर बनी रहती हैं। कहा जाता है कि नैऋत्य कोण में रखी कुछ वस्तुएं व्यक्ति से इस तरह जुड़ जाती हैं कि हालात चाहे जैसे भी बदल जाएं, उन्हें उससे अलग करना आसान नहीं होता। इसी कारण इस स्थान को स्थायित्व और संरक्षण से जुड़ा माना गया है।

नैऋत्य कोण में रखी वस्तुओं की विशेषता
वास्तु मान्यताओं के अनुसार नैऋत्य कोण में रखी गई वस्तुएं लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं और उनका प्रभाव बना रहता है। यह स्थान व्यक्ति और उसकी वस्तुओं के बीच एक मजबूत जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि यहां रखी चीजों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और वे जीवन में स्थिरता बनाए रखने में सहायक होती हैं। इस मान्यता में किसी प्रकार के तर्क या वैज्ञानिक विश्लेषण को शामिल नहीं किया जाता, बल्कि इसे परंपरागत वास्तु ज्ञान का हिस्सा माना जाता है।

बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी किताबें
वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों की पढ़ाई से संबंधित किताबें नैऋत्य कोण में रखी जा सकती हैं। मान्यता है कि जब बच्चे इन पुस्तकों से अध्ययन करते हैं, तो पढ़ी हुई बातें लंबे समय तक उनके साथ बनी रहती हैं। इसे याददाश्त या मानसिक क्षमता से नहीं जोड़ा जाता, बल्कि इसे केवल वास्तु की एक परंपरागत मान्यता माना जाता है। कहा जाता है कि एक बार यदि किताबें नैऋत्य कोण में रखकर पढ़ ली जाएं, तो पढ़ाई में निरंतरता और स्थिरता बनी रहती है। पुस्तकों को हमेशा साफ और व्यवस्थित रूप में रखने पर विशेष जोर दिया जाता है।

प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज
वास्तु मान्यताओं में प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात को लेकर भी नैऋत्य कोण को महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। कहा जाता है कि जिन लोगों के जीवन में संपत्ति को लेकर अनिश्चितता या विवाद चल रहे हों, उनके लिए नैऋत्य कोण में दस्तावेज रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से संपत्ति व्यक्ति से जुड़ी रहती है और उसे उससे अलग करना आसान नहीं होता। इसमें यह विशेष रूप से बताया जाता है कि कागजात घर के नैऋत्य कोण हिस्से में ही सुरक्षित रूप से रखे जाने चाहिए।

नीले रंग की थैली का महत्व
वास्तु के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों को सीधे नैऋत्य कोण में रखने के बजाय नीले रंग की थैली में रखकर वहां रखना बेहतर माना गया है। कहा जाता है कि सभी कागजात एक ही थैली में रखकर सुरक्षित रूप से नैऋत्य कोण में रखने से उनका प्रभाव बना रहता है। इस मान्यता में रंग और स्थान को ही महत्व दिया गया है और इसके अतिरिक्त किसी अन्य उपाय या प्रक्रिया का उल्लेख नहीं किया जाता।

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