हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। वर्षभर आने वाली सभी एकादशियों का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी को विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, योगिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सौभाग्य का आगमन होता है। आइए जानते हैं योगिनी एकादशी की तिथि, महत्व और दीपक जलाने के शुभ स्थानों के बारे में।
योगिनी एकादशी 2025 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 9 जुलाई को शाम लगभग 7:46 बजे होगा और इसका समापन 10 जुलाई को शाम लगभग 4:52 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ व्रत करने का विशेष महत्व बताया गया है।
योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में योगिनी एकादशी को पापों का नाश करने वाली और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली एकादशी कहा गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा पूर्वक व्रत और पूजा करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति को सुख, समृद्धि, आरोग्य और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
योगिनी एकादशी पर इन 4 स्थानों पर अवश्य जलाएं दीपक
- भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं
योगिनी एकादशी की संध्या के समय भगवान विष्णु के मंदिर या घर के पूजा स्थल में घी का दीपक अवश्य जलाएं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यह उपाय भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावी माध्यम माना जाता है। - तुलसी के पौधे के पास दीपक रखें
हिंदू धर्म में तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। योगिनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। - घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं
योगिनी एकादशी की रात घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दीपक रखने की भी परंपरा है। मान्यता है कि यह दीपक नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है और शुभ ऊर्जा का स्वागत करता है। इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। - पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना शुभ
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
योगिनी एकादशी पर रखें इन बातों का ध्यान
योगिनी एकादशी के दिन सात्विक भोजन करें, भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें। दीपदान, पूजा और व्रत के साथ यदि सच्ची श्रद्धा और सकारात्मक भावना जुड़ जाए, तो इसका आध्यात्मिक फल कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस पावन दिन किए गए शुभ कर्म व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।