हिंदू धर्म में रसोई को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। मान्यता है कि रसोई में मां अन्नपूर्णा देवी का वास होता है, जो घर में अन्न, धन और समृद्धि की स्थिरता बनाए रखती हैं। लेकिन यदि रसोई में वास्तु या व्यवहार की कुछ छोटी-छोटी गलतियां हो जाएं, तो इसका असर घर की खुशहाली और उन्नति पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि रोटी बनाते समय कौन-सी गलतियां मां अन्नपूर्णा की कृपा को कम कर सकती हैं।
रोटी गिनना – समृद्धि पर रोक
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रोटी बनाते समय उन्हें गिनना अशुभ माना जाता है। कुछ लोग आदतन रोटियां गिनते हैं, लेकिन ऐसा करने से घर में अन्न की कमी और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है। माना जाता है कि गिनकर बनाई गई रोटियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर की समृद्धि में बाधा डालती हैं।
आटे पर उंगलियों के निशान – पितरों का प्रतीक
जब रोटी के लिए आटा गूंथा जाता है, तो उसका आकार पिंड (पितरों को अर्पित भोज) के समान माना जाता है। इसलिए परंपरा के अनुसार, आटे पर उंगलियों के निशान लगा दिए जाते हैं ताकि वह पिंड के समान न दिखाई दे। यदि कोई महिला ऐसा नहीं करती है, तो इसे पितरों के प्रति अनादर के रूप में देखा जाता है। अतः यह एक सतर्कता और सम्मान का संकेत है जो घर में शांति और शुभता बनाए रखता है।
गैस चूल्हे का स्थान – वास्तु में अग्नि कोण
रसोई में गैस चूल्हे का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। वास्तु शास्त्र कहता है कि चूल्हा हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण) में होना चाहिए। यदि यह पानी के नल या उत्तर दिशा के समीप रखा जाए, तो अग्नि और जल तत्व के टकराव से घर में आर्थिक नुकसान, कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। सही दिशा में रखा गया चूल्हा सौभाग्य और समृद्धि को बढ़ाता है।
पहली और आखिरी रोटी – पुण्य और सुरक्षा का प्रतीक
शास्त्रों में कहा गया है कि पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को अर्पित करनी चाहिए। यह परंपरा न केवल करुणा का प्रतीक है, बल्कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
तवा या कढ़ाही उल्टा रखना – राहु का दोष
रसोई में तवा या कढ़ाही को उल्टा रखना अशुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तवा राहु के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसे उल्टा रखने से राहु दोष उत्पन्न होता है, जिससे घर में तनाव, विवाद और धन की कमी हो सकती है। अतः तवा और कढ़ाही को सदैव सीधा और स्वच्छ रखें। रसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि देवी अन्नपूर्णा का मंदिर मानी जाती है। यदि इसमें स्वच्छता, श्रद्धा और नियम का पालन किया जाए तो घर में सदैव सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।