Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > महामृत्युंजय महादेव मंदिर का रहस्यमयी कुआं: जहां स्वयं धन्वंतरि के बचे थे प्राण!
मंदिर

महामृत्युंजय महादेव मंदिर का रहस्यमयी कुआं: जहां स्वयं धन्वंतरि के बचे थे प्राण!

दिव्यसुधा
Last updated: October 7, 2025 5:39 pm
दिव्यसुधा
Share
SHARE

दिवाली का त्योहार करीब है और इस पावन अवसर पर लोग सुख, समृद्धि और रोगमुक्ति की कामना लेकर मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जो अपनी अद्भुत मान्यताओं और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध हैं। किसी मंदिर में दर्शन करने से कोर्ट-कचहरी के मामलों से मुक्ति मिलती है, तो किसी स्थान पर श्रद्धालु रोगों से मुक्ति की आस लेकर पहुंचते हैं। वाराणसी में स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर भी ऐसा ही एक चमत्कारी स्थल है। यहां एक प्राचीन कुआं है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसका जल रोगों से मुक्ति दिलाता है। कहा जाता है कि स्वयं धन्वंतरि देव के प्राण भी इसी कुएं के जल से बचे थे। इसलिए दिवाली के दिन यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

एक चमत्कारी मंदिर : जहां पानी के स्पर्श से होता है रोगों का नाश

धनतेरस का पर्व आने वाला है इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व होता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और औषधियों का देवता माना जाता; है। ऐसा विश्वास है कि उनकी कृपा से हर तरह की बीमारी दूर हो जाती है। वाराणसी में भगवान शिव और धन्वंतरि का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जहां एक चमत्कारी कुआं स्थित है। कहा जाता है कि इस कुएं के पानी के स्पर्श से ही रोगों का नाश हो जाता है। श्रद्धालु यहां स्नान या जल स्पर्श करके आरोग्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।

इस मंदिर में मिलता है भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद

वाराणसी का महामृत्युंजय महादेव मंदिर अत्यंत चमत्कारी माना जाता है। यहां आने वाले भक्त असामयिक मृत्यु और बीमारियों से मुक्ति की कामना करते हैं। इस मंदिर में एक दिव्य कुआं है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद और औषधियों की शक्ति समाई हुई है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के बाद भगवान धन्वंतरि ने अपनी औषधियां इसी कुएं में डाली थीं। इसलिए इस कुएं का जल चमत्कारी माना जाता है। श्रद्धालु इस पवित्र जल का सेवन और स्पर्श कर रोगों से राहत पाते हैं। दिवाली और धनतेरस पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

महादेव की शरण में आए थे भगवान धन्वंतरि

महामृत्युंजय महादेव मंदिर को लेकर एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि महाभारत काल में भगवान धन्वंतरि को तक्षक नाग ने डस लिया था। विष के प्रभाव से बचने के लिए वे भगवान महादेव की शरण में आए और इसी मंदिर के पवित्र कुएं के जल से उन्होंने स्वयं को जीवित किया। ऐसा माना जाता है कि उस समय भगवान धन्वंतरि ने इस कुएं में अनेक औषधियां डालीं ताकि लोग रोगों से मुक्ति पा सकें। आज भी भक्त इस जल को पीकर या अपने घर ले जाकर अपने परिजनों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

इस कुएं का पानी कभी नहीं सूखता

इतना ही नहीं, मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि इस कुएं का पानी कभी सूखता नहीं है। यह जल शरीर और आत्मा दोनों को शुद्ध करने की शक्ति रखता है। मान्यता है कि इसके स्पर्श मात्र से रोगों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, मंदिर की मिट्टी और पानी में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो इसे और भी पवित्र बनाते हैं। श्रद्धालु मानते हैं कि यह जल भगवान धन्वंतरि के आशीर्वाद से आज भी चमत्कारिक रूप से लोगों के स्वास्थ्य को संवारने का काम करता है।

इस मंदिर में दिवाली के दिन होती है विशेष पूजा

मंदिर में केवल भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है, जिसे देखने और उसकी पूजा करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। माना जाता है कि यहां महादेव की उपासना करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। खासकर सावन और दिवाली के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा और आयोजन किए जाते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। यहां आने वाले भक्त भगवान शिव के आशीर्वाद से मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव और सुख-शांति का एहसास कराता है।

TAGGED:humare bhgwanmandirshiv mandirसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 10 अक्टूबर को करवा चौथ 2025: जानें सरगी का समय, पूजा मुहूर्त और चंद्र अर्घ्य का शुभ संयोग
Next Article करवा चौथ 2025: शुक्रवार के शुभ संयोग पर ये 6 राशियां पाएंगी सच्चा प्यार और धन लाभ
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

देवलास बालार्क सूर्य मंदिर का प्राचीन दृश्य
मंदिर

देवलास सूर्य मंदिर: देवल मुनि की तपोभूमि और प्राचीन सूर्य उपासना

By दिव्यसुधा
rashifal
राशिफल

9 जून राशिफल: मेष से मीन तक जानिए कैसा रहेगा आपका दिन ?

By दिव्यसुधा
featuredराशिफल

आज का राशिफल: 02 अगस्त 2025

By दिव्यसुधा
masik shivratri
व्रत और त्योहार

Masik Shivratri 25 मई 2025: मई माह में कब है मासिक शिवरात्रि? जानिए तिथि और शिव-पार्वती की पूजा विधि

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?