हर वर्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में मनाया जाने वाला पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) उन दिवंगत पूर्वजों…
लखनऊ। 11 सितंबर 2025 विश्वमांगल्लय सभा के धर्म, संस्कृति और शिक्षा विभाग की ओर से अवध प्रांत में…
पितृ पक्ष का पर्व भारतीय संस्कृति में अपने पूर्वजों की स्मृति को समर्पित होता है। इस अवसर पर…
शारदीय नवरात्रि का आरंभ हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है।नवरात्रि के…
दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा…
हिंदू धर्म में हर साल भाद्रपद मास में विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड के प्रथम…
जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जितिया पर्व भी कहा जाता है, माताओं द्वारा संतान की दीर्घायु, सुरक्षा और समृद्धि के…
कल्कि द्वादशी हमें याद दिलाती है—धर्म की सदैव विजय होती है
सात्त्विक भोजन से मिलती है मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी
सुंदरकांड की चौपाई "पुनि संभारि उठि सो लंका…" का जाप करने से संकट दूर होते हैं।
15 सितंबर सुबह 06:15 बजे अष्टमी समाप्त होगी और उसी दिन व्रत का पारण किया जाएगा।
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