Friday, 24 Apr 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > सीता नवमी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
व्रत और त्योहार

सीता नवमी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

दिव्यसुधा
Last updated: April 24, 2026 1:15 pm
दिव्यसुधा
Share
माता सीता की पूजा करते हुए भक्त और सीता नवमी का पावन दृश्य
सीता नवमी पर माता सीता की पूजा से मिलता है सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद
SHARE

सनातन परंपरा में सीता नवमी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन दिन को माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसलिए इसे सीता जयंती भी कहा जाता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को माता सीता का जन्म हुआ था, इसी कारण हर वर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं।

सीता नवमी 2026 की सही तिथि
पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल नवमी तिथि 24 अप्रैल को शाम 7 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ होकर 25 अप्रैल को शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। जयंती या जन्मोत्सव के लिए मध्याह्न काल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि माता सीता का प्राकट्य दोपहर के समय हुआ था। इस आधार पर वर्ष 2026 में सीता नवमी 25 अप्रैल, शनिवार को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त
सीता नवमी के दिन पूजा के लिए लगभग ढाई घंटे का श्रेष्ठ मुहूर्त प्राप्त है। यह शुभ समय प्रातः नहीं, बल्कि मध्याह्न में आता है। 25 अप्रैल को पूजा का उत्तम समय सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस दौरान दोपहर 12:19 बजे का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसे माता सीता के जन्म क्षण के रूप में माना जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:19 बजे से 5:02 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 11:53 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा, जो पूजा और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

गंड योग और अश्लेषा नक्षत्र का संयोग
इस वर्ष सीता नवमी पर विशेष ज्योतिषीय संयोग भी बन रहा है। इस दिन गंड योग प्रातःकाल से रात 11:43 तक रहेगा, इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा। वहीं अश्लेषा नक्षत्र सुबह से रात 8:04 तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। ये योग इस दिन की आध्यात्मिक ऊर्जा को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।

सीता नवमी का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब खेत जोत रहे थे, तब हल का फाल एक स्वर्ण कलश से टकराया। उस कलश से एक दिव्य बालिका प्रकट हुई, जिन्हें उन्होंने अपनी पुत्री के रूप में अपनाया वही माता सीता थीं। माता सीता को त्याग, पवित्रता, धैर्य और नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे देवी लक्ष्मी का अवतार हैं, इसलिए इस दिन व्रत और पूजा करने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

सीता नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, धैर्य और आदर्श जीवन मूल्यों का उत्सव है। इस दिन सच्चे मन से माता सीता और भगवान राम की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। 🙏

TAGGED:festival 2026जानकी जयंतीज्योतिषधर्मपूजा विधिभारतीय संस्कृतिमाता सीतारामायणव्रतसीता नवमीहिंदू पर्व
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article हथेली में केतु पर्वत का स्थान और उसका प्रभाव दर्शाती हस्तरेखा हथेली में केतु पर्वत का महत्व: जानें जीवन पर इसका प्रभाव
Next Article रुक्मिणी देवी मंदिर की भव्य नागर शैली वास्तुकला और भक्तों की आस्था का दृश्य रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका: दिव्य प्रेम, आस्था और अनोखी परंपरा का संगम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

नागुला चौथी पूजा के दौरान सर्पों की आराधना
व्रत और त्योहार

नागुला चौथी 2025: दक्षिण भारत में सर्प पूजा का पवित्र पर्व

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

हरियाली तीज: सुहाग और सौभाग्य के लिए रखा जाएगा निर्जला व्रत

By दिव्यसुधा
featuredव्रत और त्योहार

22 सितंबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि 2025, 2 अक्तूबर को विजयादशमी के साथ होगा समापन

By दिव्यसुधा
24 अप्रैल 2026 राशिफल सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल
राशिफल

आज का राशिफल 24 मार्च 2026 : सभी राशियों के लिए करियर, धन और प्रेम भविष्यफल

By Ekta Mishra
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?