आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में कई लोग अपनी दवाइयाँ, कैप्सूल या मेडिकल स्ट्रिप्स सिरहाने रखकर सो जाते हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत मिल जाएं। देखने में यह आदत सुविधाजनक लग सकती है, लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार यह स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
वास्तु शास्त्र में शयनकक्ष को विश्राम, उपचार और मानसिक शांति का स्थान माना गया है। वहीं ज्योतिष में नींद और मन का संबंध चंद्रमा से बताया गया है। दवाइयां बीमारी की स्मृति और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं। जब इन्हें सिरहाने रखा जाता है, तो रातभर यह ऊर्जा व्यक्ति के मन और शरीर पर असर डालती रहती है। इसका परिणाम बेचैन नींद, बार-बार जागना, बुरे सपने आना और सुबह उठते समय थकावट के रूप में दिखाई देता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो सिरहाने रखी दवाइयाँ चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती हैं। इससे भावनात्मक अस्थिरता, चिंता और तनाव बढ़ सकता है। साथ ही राहु से जुड़ी नकारात्मक प्रवृत्तियाँ भी सक्रिय हो सकती हैं, जिसके कारण मानसिक उलझन, भय और अनावश्यक चिंतन बढ़ने लगता है। धीरे-धीरे व्यक्ति अनजाने में स्वयं को बीमार मानने लगता है, जिससे रोगमुक्ति की प्रक्रिया भी धीमी पड़ जाती है।
वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि सोते समय शरीर प्राकृतिक रूप से स्वयं को ठीक करने की कोशिश करता है। ऐसे में यदि सिरहाने दवाइयां रखी हों, तो मन बीमारी को स्वीकार कर लेता है और उपचार की सकारात्मक ऊर्जा बाधित हो जाती है। यही कारण है कि इसे दीर्घकालिक रूप से स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता।
दवाइयां रखने की सही दिशा क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार दवाइयों को शयनकक्ष की दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी बंद दराज या कैबिनेट में रखना सबसे उपयुक्त होता है। यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है, जो उपचार और ऊर्जा संतुलन में सहायक मानी जाती है। इससे नकारात्मक प्रभाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
इसके अतिरिक्त, सोने से पहले कमरे में हल्का सा गंगाजल छिड़कना, दीपक जलाना तथा “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” या “ऊं शं शनैश्चराय नमः” का जाप करना मानसिक शांति और बेहतर नींद के लिए लाभकारी माना जाता है।
छोटी-छोटी वास्तु आदतें हमारे जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। यदि हम शयनकक्ष को केवल विश्राम और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना लें, तो स्वास्थ्य के साथ-साथ मन की शांति भी सहज रूप से प्राप्त हो सकती है।