ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर, युति और दृष्टि का मानव जीवन पर विशेष प्रभाव माना जाता है। ग्रहों की चाल में होने वाला परिवर्तन कई बार जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में शुभ और अशुभ परिणाम लेकर आता है। इसी क्रम में 1 अगस्त को धन, वैभव, सौंदर्य, प्रेम और सुख-सुविधाओं के कारक ग्रह शुक्र सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। शुक्र का यह गोचर इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान कुंभ राशि में स्थित राहु के साथ शुक्र का संबंध बनेगा, जिससे षडाष्टक योग का निर्माण होगा। वैदिक ज्योतिष में इस योग को चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसके प्रभाव से कुछ राशि के जातकों को स्वास्थ्य, आर्थिक मामलों और रिश्तों में सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है।
क्या होता है षडाष्टक योग?
ज्योतिष के अनुसार जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित होते हैं, तो इसे षडाष्टक योग कहा जाता है। इसमें छठा भाव रोग, ऋण और शत्रुओं का प्रतीक माना जाता है, जबकि आठवां भाव अचानक आने वाली परेशानियों, मानसिक तनाव और जीवन में बदलाव को दर्शाता है। शुक्र और राहु का यह संबंध भौतिक सुख-सुविधाओं, धन संबंधी मामलों, रिश्तों और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान भ्रम, गलतफहमी और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचने की सलाह दी जाती है।
इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान
मेष राशि: करियर और खर्चों पर रखें नियंत्रण
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य के मामले में थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। अनावश्यक खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। प्रेम संबंधों में किसी भी तरह की गलतफहमी से बचें और वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
सिंह राशि: वाणी और व्यवहार में रखें संयम
शुक्र सिंह राशि से निकलकर कन्या में प्रवेश कर रहे हैं। इसके प्रभाव से सिंह राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, क्योंकि कठोर शब्द रिश्तों में दूरी ला सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी करने से बचें।
कन्या राशि: मानसिक तनाव से बचें
शुक्र आपकी ही राशि में गोचर करेंगे और राहु के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे। इस दौरान मानसिक तनाव, अनजाना भय और चिंता बढ़ सकती है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
कुंभ राशि: निवेश में सावधानी बरतें
कुंभ राशि में राहु पहले से स्थित हैं, ऐसे में शुक्र का गोचर खर्चों में वृद्धि कर सकता है। अचानक आर्थिक नुकसान की स्थिति से बचने के लिए जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाएं। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें।
षडाष्टक योग के प्रभाव को कम करने के उपाय
- शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं और “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।
- शनिवार के दिन कुत्ते को रोटी खिलाएं और पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- जरूरतमंद लोगों को चावल, दूध, सफेद वस्त्र या तिल का दान करना शुभ माना जाता है।