Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर होगा खत्म: मई में इस दिन करें ये उपाय
व्रत और त्योहार

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर होगा खत्म: मई में इस दिन करें ये उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: May 17, 2025 6:14 pm
दिव्यसुधा
Share
SHARE

Written by : Ekta Mishra

सनातन धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति के अच्छे या बुरे कर्मों के अनुसार शनिदेव फल प्रदान करते हैं। जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उन्हें कई बार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन शनि जयंती के दिन विशेष उपाय करने से शनि की पीड़ा शांत हो सकती है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनिदेव का जन्म दिवस मनाया जाता है और इस दिन किया गया दान पुण्य विशेष फल देता है। इस वर्ष शनि जयंती 27 मई 2025 को पड़ रही है। मान्यता है कि राशि के अनुसार दान करने से शनिदेव प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आने लगती है। इसलिए शनि जयंती पर अपनी राशि के अनुसार दान करें और मन, धन व जीवन में शुभता लाएं।

मेष – शनि जयंती पर इस राशि के लोगों को काले तिल या सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनिदेव की कृपा मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। काले तिल और तेल का दान शनि दोष को कम करने में मदद करता है।

वृषभ – शनि महाराज की कृपा पाने के लिए इस राशि के लोगों को शनि जयंती के दिन जल से भरे मटके का दान करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शनि से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है। यह उपाय शुभ फल देने वाला माना जाता है।

मिथुन – शनि महाराज के क्रोध को शांत करने के लिए इस राशि के जातकों को शनि जयंती के दिन काली उड़द या काले रंग के कपड़ों का दान करना चाहिए। यह उपाय शनि दोष को कम करता है और जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।

कर्क – इस राशि के जातकों को शनि जयंती के दिन सरसों के तेल या काले तिल का दान करना शुभ माना जाता है। यह उपाय शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत प्रभावी होता है और जीवन में शांति व समृद्धि लाता है।

सिंह – शनि महाराज के क्रोध को शांत करने के लिए इस राशि के जातकों को शनि जयंती पर गरीबों को मौसमी फलों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में शुभ फल मिलने लगते हैं।

कन्या – अगर आपका कोई काम लंबे समय से अटका हुआ है और पूरा नहीं हो रहा, तो शनि जयंती के दिन काले रंग के कपड़ों का दान करें। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और अटके हुए काम पूरे होने लगते हैं। यह उपाय सफलता पाने में मदद करता है।

तुला – शनि जयंती पर इस राशि के जातकों को शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए फलों का दान जरूर करना चाहिए। यह उपाय बहुत शुभ फल देता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। फलों का दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और परेशानियां दूर होती हैं।

वृश्चिक – शनि जयंती पर वृश्चिक राशि के लोगों को काली उड़द दान करना अच्छा होता है। इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं।

धनु –शनि जयंती पर धनु राशि के लोगों को सरसों का तेल दान करना चाहिए। इससे उनके पाप दूर होते हैं और शनिदेव की कृपा मिलती है।

मकर – शनि जयंती पर इस राशि के जातकों को शनिदेव की कृपा पाने के लिए गरीबों को भोजन कराना शुभ होता है। इससे उनके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शनि दोष से मुक्ति मिलती है। यह दान उन्हें खुशहाली और सुख-शांति देता है।

कुंभ –शनि महाराज की कृपा पाने के लिए इस राशि के जातकों को चप्पल का दान करना शुभ होता है। इससे शनि दोष कम होता है और जीवन में खुशियां आती हैं। दान करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी परेशानियां दूर होती हैं। यह उपाय बहुत फायदेमंद माना जाता है।

मीन – शनि जयंती पर मीन राशि के जातकों को काले या नीले रंग के कपड़े और चावल का दान करना चाहिए। इससे शनि के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। दान करने से घर-परिवार में सुख-शांति और खुशियां आती हैं। यह उपाय शनि की कृपा पाने का अच्छा तरीका माना जाता है।

TAGGED:humare bhgwanmandirshanidevvart tyoharसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article bhgwan ram भगवान राम को किसने दिया उनका नाम
Next Article बड़ा मंगल का महत्व बड़ा मंगल 2025: दूसरा बड़ा मंगल कल, इन उपायों से पाएं हनुमान जी की कृपा
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

featuredसनातन धर्म

पितृ पक्ष में क्यों वर्जित है प्याज-लहसुन? जानें सात्त्विक भोजन और श्राद्ध की परंपरा

By दिव्यसुधा
रवि पुष्य योग 2026 का शुभ संयोग, सूर्य और पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ योग
अन्य

रवि पुष्य योग 2026: 4 जनवरी को बन रहा वर्ष का पहला अक्षय फल देने वाला शुभ योग

By दिव्यसुधा
देवउठनी एकादशी 2025 पूजा विधि और व्रत नियम – भगवान विष्णु जागरण का शुभ पर्व
व्रत और त्योहार

देवउठनी एकादशी 2025: जानें कब है, पूजा विधि और क्या करें-क्या न करें

By दिव्यसुधा
radha rani
अन्य

सेठ की बेटी बनकर आई राधा रानी: प्रेम और भक्ति की अद्भुत ली

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?