राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर एक बार फिर श्रद्धालुओं की अनोखी आस्था का केंद्र बन गया है। यहां एक भक्त परिवार ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान श्री सांवलिया सेठ को चांदी का हार्ट भेंट किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार यह पहली बार है जब किसी श्रद्धालु ने भगवान को इस प्रकार का विशेष चांदी का हार्ट अर्पित किया है। इस अनोखी भेंट की चर्चा अब पूरे मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के बीच हो रही है।
भगवान सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास हमेशा से देखने को मिलता रहा है। यहां भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं भेंट स्वरूप चढ़ाते हैं। लेकिन इस बार जो भेंट भगवान को अर्पित की गई, उसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
मन्नत पूरी होने पर अर्पित किया चांदी का हार्ट
जानकारी के अनुसार सांवलियाजी निवासी बालमुकुंद तिवारी के परिवार ने लगभग 197 ग्राम वजनी चांदी का हार्ट भगवान श्री सांवलिया सेठ को अर्पित किया। इसके साथ ही परिवार ने चांदी से बना एक नलकूप भी भेंट किया। परिवार का कहना है कि यह भेंट भगवान के प्रति उनकी गहरी आस्था, विश्वास और कृतज्ञता का प्रतीक है।
परिवार के सदस्य उमेश तिवारी ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उनके पिता बालमुकुंद तिवारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद पहले उदयपुर और फिर बेहतर इलाज के लिए गुजरात के अहमदाबाद ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हार्ट की बाईपास सर्जरी करने की सलाह दी।
संकट की घड़ी में सांवलिया सेठ से लगाई प्रार्थना
उस कठिन समय में पूरा परिवार बेहद चिंतित था। ऑपरेशन को लेकर डर और चिंता का माहौल था। ऐसे में परिवार ने भगवान श्री सांवलिया सेठ के चरणों में प्रार्थना की और मन्नत मांगी कि यदि ऑपरेशन सफल रहा और बालमुकुंद तिवारी स्वस्थ होकर घर लौट आए, तो भगवान को चांदी का हार्ट भेंट किया जाएगा।
भगवान की कृपा और डॉक्टरों की मेहनत से सर्जरी सफल रही। धीरे-धीरे बालमुकुंद तिवारी की तबीयत में सुधार होने लगा और वह स्वस्थ होकर घर लौट आए। इसके बाद परिवार ने अपनी मन्नत पूरी करने का निर्णय लिया।
बैंड-बाजों के साथ पहुंचे मंदिर
मन्नत पूरी होने के बाद परिवार के सभी सदस्य और रिश्तेदार भक्ति भाव के साथ बैंड-बाजों के साथ मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में पहुंचे। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान के चरणों में चांदी का हार्ट तथा चांदी का नलकूप अर्पित किया।
मंदिर मंडल के भेंटकक्ष कार्यालय में यह विशेष भेंट जमा कराई गई। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालु परिवार को भेंट की रसीद भी सौंपी गई। साथ ही परिवार का सम्मान करते हुए उन्हें उपरना पहनाया गया और भगवान श्री सांवलिया सेठ का प्रसाद भेंट किया गया।
पहली बार चढ़ाया गया चांदी का हार्ट
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि सांवलिया सेठ के दरबार में रोजाना भक्त सोने-चांदी की अनेक वस्तुएं चढ़ाते हैं, लेकिन चांदी का हार्ट पहली बार अर्पित किया गया है। यही वजह है कि यह अनोखी भेंट श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
भगवान श्री सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की आस्था केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में देखने को मिलती है। माना जाता है कि सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना यहां जरूर पूरी होती है। यही कारण है कि लाखों श्रद्धालु अपनी खुशियों, दुखों और मनोकामनाओं को लेकर भगवान के दरबार में पहुंचते हैं और उनकी कृपा का अनुभव करते हैं।