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दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > किराए के घर का वास्तु: घर चुनते समय ज़रूरी वास्तु टिप्स
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

किराए के घर का वास्तु: घर चुनते समय ज़रूरी वास्तु टिप्स

दिव्यसुधा
Last updated: November 19, 2025 12:22 pm
दिव्यसुधा
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किराए के घर का सही वास्तु – मुख्य द्वार, किचन, बेडरूम की शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार किराए का घर लेते समय दिशा और ऊर्जा का सही संतुलन अत्यंत आवश्यक है।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, रहने की जगह का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। चाहे घर अपना हो या किराए का, यदि उसमें वास्तु दोष मौजूद हैं तो जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। अक्सर लोग रेंट पर मकान लेते समय केवल जगह, बजट, ऑफिस की दूरी और सुविधाओं पर ध्यान देते हैं लेकिन घर का वास्तु भूल जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि धीरे-धीरे परिवार में तनाव बढ़ने लगता है, आर्थिक समस्याएं सामने आने लगती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इसलिए किराए का मकान लेते समय वास्तु नियमों का पालन बेहद आवश्यक है।

वास्तु दोष क्यों बनते हैं परेशानी का कारण?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है तो वहां नकारात्मकता बढ़ने लगती है। यह नकारात्मक ऊर्जा करियर में रुकावट, व्यापार में नुकसान, धन की कमी, रिश्तों में तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। खासकर किराए के घरों में वास्तु दोष अधिक देखने को मिलते हैं, क्योंकि लोग घर के नक्शे का चुनाव ऊर्जा प्रवाह को ध्यान में रखकर नहीं करते। यही कारण है कि कई लोग नए घर में शिफ्ट होने के बाद अचानक जीवन में अवरोध महसूस करने लगते हैं।

किराए का घर लेते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स
घर चुनते समय सबसे पहले टॉयलेट की दिशा का अवलोकन करें। उत्तर-पूर्व दिशा में शौचालय होना अत्यंत अशुभ माना जाता है। टॉयलेट हमेशा पश्चिम दिशा या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण बात घर का मुख होना है। दक्षिण मुखी मकान को वास्तु शास्त्र में अशुभ माना गया है इसलिए ऐसे घरों से बचना चाहिए। इसी तरह किचन उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह दिशाएं भोजन बनाने के लिए प्रतिकूल मानी जाती हैं। किचन आदर्श रूप से दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना शुभ होता है। यह दिशा स्थिरता और शांति प्रदान करती है। घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होना अत्यंत लाभदायक होता है, क्योंकि उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी गई है, जिससे घर में धन और समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।

कहां न लें किराए का मकान?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किराए का मकान ऐसे स्थानों पर नहीं लेना चाहिए जो ऊर्जा प्रवाह को बाधित करते हैं। घर कब्रिस्तान, अस्पताल, अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाके, ट्रैफिक जंक्शन या रेलवे लाइन के बिल्कुल पास नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, घर के आसपास मोबाइल टॉवर या बड़े बिजली के पोल हों तो यह भी ऊर्जा संतुलन को प्रभावित करते हैं।

यदि किराए के घर में है वास्तु दोष, तो ऐसे करें उपाय
अगर पहले से ही लिए गए घर में वास्तु दोष मौजूद हैं, तो कुछ सरल उपायों से उन्हें कम किया जा सकता है। मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है, यह नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से रोकता है। हर शाम दीपक जलाना, विशेषकर तुलसी के पास या पानी के पात्र के पास, घर की ऊर्जा शुद्ध करता है। नमक के पानी से पोछा लगाना भी नकारात्मकता को दूर करता है। भारी सामान दक्षिण-पश्चिम में रखें और सोते समय सिर दक्षिण दिशा की ओर रखें। पूजा कक्ष हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए, क्योंकि यह दिशा देवताओं की दिशा मानी गई है।

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