Saturday, 30 Aug 2025
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > Pradosh Vart : मार्च का पहला प्रदोष व्रत, जानिए सही डेट और पूजा मुहूर्त
व्रत और त्योहार

Pradosh Vart : मार्च का पहला प्रदोष व्रत, जानिए सही डेट और पूजा मुहूर्त

दिव्यसुधा
Last updated: March 10, 2025 6:53 am
दिव्यसुधा
Share
pradosh vart
SHARE

प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है जिससे भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार, त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसकी समस्त समस्याओं का हल निकलता है। बता दें कि हर माह में आने वाली प्रदोष व्रत का नाम सप्ताह के दिन के हिसाब से रखा जाता है। जैसे-अगर प्रदोष सोमवार को है तो उसे सोम प्रदोष कहा जाएगा। वैसे ही मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। तो आइए जानते हैं कि मार्च में पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मार्च प्रदोष व्रत 2025 डेट और मुहूर्त :
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 11 मार्च को सुबह 8 बजकर 13 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 12 मार्च को सुबह 09 बजकर 11 मिनट पर होगा।

ऐसे में प्रदोष व्रत 11 मार्च को किया जाएगा। प्रदोष पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6:47 मिनट से रात 9:11 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। वहीं यह प्रदोष व्रत मंगलवार को है इसलिए इसे भौम प्रदोष भी कहा जाता। भौम प्रदोष में शिवजी के साथ हनुमान जी की भी पूजा करने का विधान है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज उतारने के लिए बड़ा ही श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन मंगल से संबंधित चीजें गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान करने से सौ गौ दान के समान फल मिलता है।

प्रदोष व्रत का विधि-विधान :
प्रातःकाल स्नानादि से पवित्र होकर शिव-स्मरण करते हुए निराहार रहें, सायंकाल, सूर्यास्त से एक घण्टा पूर्व, पुनः स्नान करके गंध, मदार पुष्प, बिल्वपत्र, धूप-दीप तथा नैवेद्य आदि पूजन सामग्री एकत्र कर लें, पांच रंगों को मिलाकर पद्म पुष्प की प्रकृति बनाकर आसन पर उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और देवाधिदेव शंकर भगवान का पूजन करें। पुष्प अर्पित करें और ‘ऊँ नमः शिवाय’ कहें, फल अर्पित करें और ‘ऊँ नमः शिवाय’ जपें। जल चढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जलधारा टूटे नहीं। इसी प्रकार मंत्र का जप लयबद्ध हो। जल चढ़ाते समय यदि आंखें खुली हुई हों, तो दृष्टि जलधारा पर टिकी हो और यदि भक्ति-भाव में आंखें मुंद गई हों, तो ध्यान, जप के शब्दों-अर्थों के साथ चल रहा हो। जिस कामनापूर्ति हेतु व्रत किया जा रहा है, उसकी प्रार्थना भगवान शिव के समक्ष श्रद्धा-भाव से करें, शिव के साथ पार्वतीजी और नंदी का पूजन भी करना चाहिए। प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को करना चाहिए, प्रदोष व्रत अति प्रशस्त तथा सभी के करने योग्य है। स्कन्द आदि पुराणों में इस व्रत की बड़ी महिमा बताई गई है। शिवजी की पूजा के बाद हनुमान जी की पूजा भी करनी चाहिए और उन्हें सिंदूर चढ़ाना चाहिए। क्योंकि यह भौम प्रदोष व्रत है और भौम प्रदोष में हनुमान जी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत के दिन ऐसा करने से जल्द ही कर्ज से छुटकारा मिलाता है। भौम प्रदोष व्रत कर्ज से मुक्ति पाने के लिए बहुत ही श्रेष्ठ माना जाता है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article khatushyam Rangbahri Ekadashi 2025 : रंगभरी एकादशी के दिन खाटूश्याम मंदिर में होता है भव्य आयोजन
Next Article Holika Dahan Holika Dahan 2025 : आखिर किस श्राप का है डर, जो 400 साल से यहां नहीं हुआ होलिका दहन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!
Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

navratri
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… नवरात्रि पर कलश और घट स्थापना क्यों करते है

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

हरियाली तीज: सुहाग और सौभाग्य के लिए रखा जाएगा निर्जला व्रत

By दिव्यसुधा
hanuman ji
व्रत और त्योहार

पहला बड़ा मंगल कल, जानें इस ज्येष्ठ माह में कितने मंगलवार होंगे

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

गुरु पूर्णिमा कल जानिए तिथि, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?