ॐ जय शिव ओमकारा आरती भगवान शिव की महान स्तुति है। इसका गायन करने से शिवजी के ओमकार स्वरूप का ज्ञान प्राप्त होता है। सावन के सोमवार और पूरे सावन मास में इस आरती का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में समृद्धि व सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
‘ॐ जय शिव ओंकारा’
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥