अक्टूबर का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान पितृपक्ष की पूर्णता के साथ नवरात्रि, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यह महीना आस्था और भक्ति का विशेष अवसर लेकर आता है।
महीने की शुरुआत 1 अक्टूबर को पंचमी से होती है। इसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और षष्ठी, जबकि 3 अक्टूबर को जितिया व्रत और महालक्ष्मी का विशेष अवसर है। 4 अक्टूबर को जितिया व्रत का पारण किया जाएगा।
इसके बाद 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी, 8 अक्टूबर को प्रदोष व्रत और मास शिवरात्रि, तथा 10 अक्टूबर को अमावस्या, स्नान-दान और श्राद्ध की विशेष तिथि रहेगी।
अक्टूबर का सबसे प्रमुख धार्मिक चरण 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली शारदीय नवरात्रि है। इस दिन प्रतिपदा तिथि पर नवरात्रि आरंभ और कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद दुर्गा पूजा से जुड़े विभिन्न अनुष्ठान होंगे। 14 अक्टूबर को विनायक चतुर्थी, 16 अक्टूबर को बिल्व आमंत्रण, 17 अक्टूबर को सप्तमी, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, दुर्गाष्टमी और सरस्वती पूजा, जबकि 19 अक्टूबर को नवरात्रि हवन और कन्या पूजन किया जाएगा।
20 अक्टूबर को विजयादशमी और व्रत पारण का विशेष दिन रहेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी, 23 अक्टूबर को प्रदोष व्रत, और 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। 26 अक्टूबर को स्नान-दान पूर्णिमा और महर्षि वाल्मीकि जयंती का अवसर रहेगा।
महीने के अंतिम दिनों में 29 अक्टूबर को करवा चौथ व्रत आएगा। इस प्रकार अक्टूबर 2026 धार्मिक पर्वों, व्रतों और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण महीना रहेगा। श्रद्धालु इन तिथियों के अनुसार अपनी पूजा-पाठ और व्रत की तैयारी कर सकते हैं।