नवरात्रि से पहले घर की सफाई केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं मानी जाती, बल्कि इस दौरान पूजा स्थल, घर की वस्तुओं और वातावरण को भी व्यवस्थित करने की परंपरा है। मान्यता है कि जिस घर में स्वच्छता, सकारात्मकता और श्रद्धा का वातावरण हो, वहां देवी-उपासना का भाव और भी गहरा होता है। इसी वजह से शारदीय नवरात्रि शुरू होने से पहले लोग घर की विशेष साफ-सफाई करते हैं और ऐसी वस्तुओं को हटाते हैं, जिन्हें वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है।
नवरात्रि से पहले घर की इन चीजों पर दें ध्यान
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, नवरात्रि से पहले घर की साफ-सफाई के साथ वास्तु से जुड़ी कुछ बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायता मिलती है।
पुरानी और टूटी झाड़ू को घर से हटाएं
झाड़ू का संबंध घर की साफ-सफाई से है और ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे मां लक्ष्मी से भी जोड़कर देखा जाता है। इसलिए यदि घर में झाड़ू पूरी तरह टूट चुकी है या इस्तेमाल के योग्य नहीं है, तो उसे लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए। नवरात्रि से पहले ऐसी पुरानी झाड़ू को हटाकर घर की सफाई करना शुभ माना जाता है। नई झाड़ू को भी साफ और उचित स्थान पर रखना चाहिए, जहां वह पैरों के नीचे न आए।
पूजा स्थान से खंडित प्रतिमाएं हटाएं
नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है, इसलिए पूजा घर की साफ-सफाई का भी विशेष महत्व माना जाता है। यदि घर के मंदिर में किसी देवी-देवता की मूर्ति या तस्वीर खंडित हो गई है, तो उसे पूजा स्थान पर रखकर नियमित पूजा करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खंडित प्रतिमाओं की पूजा नहीं की जाती।
हालांकि ऐसी मूर्तियों को सामान्य कूड़े में फेंकना उचित नहीं माना जाता। स्थानीय परंपरा और श्रद्धा के अनुसार उन्हें किसी पवित्र स्थान पर विधि-विधान से विसर्जित या स्थापित किया जा सकता है। नवरात्रि से पहले पूजा स्थान को स्वच्छ करके वहां सही अवस्था वाली प्रतिमाएं रखना शुभ माना जाता है।
मुरझाए पौधे और सूखे फूल भी हटाएं
घर के मुख्य द्वार या आसपास लंबे समय से रखे सूखे और मुरझाए पौधों पर भी ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से ऐसे कांटेदार पौधे, जिनसे लगातार असुविधा होती हो, उनकी जगह और स्थिति पर विचार करना बेहतर माना जाता है। इसी तरह पूजा में चढ़ाए गए पुराने फूल, सूखी मालाएं और लंबे समय से रखी अनावश्यक पूजा सामग्री को भी जमा करके नहीं रखना चाहिए।
नवरात्रि शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा की उपासना का पर्व है, इसलिए इस दौरान घर को साफ, व्यवस्थित और ताजा रखना विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। घर में हरे-भरे पौधे लगाने से वातावरण भी सुंदर और जीवंत बना रहता है।
मुख्य द्वार को दें विशेष महत्व
नवरात्रि में मां दुर्गा के स्वागत के लिए मुख्य द्वार को सजाने की भी परंपरा है। आम, केला या अशोक के पत्तों से बने तोरण को मुख्य द्वार पर लगाया जा सकता है। इसे शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है।
इसके साथ ही कई घरों में मुख्य द्वार पर मां दुर्गा के चरण चिह्न बनाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इससे घर में देवी के स्वागत और श्रद्धा का भाव प्रकट होता है। मुख्य द्वार के पास स्वच्छ पात्र में शुद्ध जल रखकर उसमें फूल डालना भी घर की सुंदरता और पवित्र वातावरण को बढ़ाता है। यदि ऐसा करें तो पानी को नियमित रूप से बदलकर ताजा रखना चाहिए।
इस तरह नवरात्रि से पहले घर की सफाई केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, व्यवस्थित और सकारात्मक बनाने का अवसर भी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन उपायों को धार्मिक मान्यता के रूप में समझते हुए श्रद्धा और स्वच्छता के भाव से अपनाया जाए।