हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इन नौ दिनों को साल का सबसे गर्म समय माना जाता है। इस दौरान सूर्य की तेज किरणें और गर्म हवाएं लोगों का जीवन कठिन बना देती हैं। उत्तर और मध्य भारत में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर साफ दिखाई देता है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर, एसी और अन्य साधनों का सहारा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में कुछ ऐसे पौधों का भी उल्लेख मिलता है जो घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हरे-भरे पौधों का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। वहीं राहु के अशुभ प्रभाव के कारण घर में मानसिक तनाव, भ्रम, क्लेश और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। ऐसे में नौतपा के दौरान कुछ खास पौधों को घर में लगाने से न केवल वातावरण शीतल रहता है, बल्कि ग्रह दोषों से भी राहत मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे 3 चमत्कारी कूलिंग प्लांट्स के बारे में।
पुदीना का पौधा देता है शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा
नौतपा की तपती गर्मी में पुदीना शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। पुदीने की चटनी, शरबत और पना गर्मी से राहत देने का काम करते हैं। लेकिन आयुर्वेद और वास्तु दोनों में ही पुदीने के पौधे का विशेष महत्व बताया गया है।
पुदीने की ताजगी भरी खुशबू वातावरण को शुद्ध करती है और घर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। इसकी हरियाली मन को शांति देती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार पुदीना राहु दोष को शांत करने वाला पौधा माना जाता है। यदि घर में बिना कारण तनाव, विवाद या मानसिक बेचैनी बनी रहती हो तो नौतपा के दौरान घर की उत्तर या पूर्व दिशा में पुदीने का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुखद वातावरण बनता है।
एलोवेरा बढ़ाता है सकारात्मकता और बुध ग्रह की शक्ति
एलोवेरा एक ऐसा औषधीय पौधा है जो कम पानी में भी आसानी से जीवित रहता है। यह दिन के साथ-साथ रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है, जिससे घर की हवा शुद्ध बनी रहती है। नौतपा की सूखी और गर्म हवाओं के बीच एलोवेरा वातावरण में नमी बनाए रखने में मदद करता है।
वास्तु शास्त्र में एलोवेरा को सुख-समृद्धि और तरक्की का प्रतीक माना गया है। ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और त्वचा का कारक होता है। एलोवेरा का संबंध स्वास्थ्य और त्वचा से होने के कारण इसे बुध ग्रह को मजबूत करने वाला पौधा माना गया है।
घर की पूर्व या उत्तर दिशा में एलोवेरा रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और व्यापार में लाभ के योग बनते हैं। साथ ही यह पौधा घर में मानसिक शांति और सुकून भी बनाए रखता है।
मनी प्लांट से आता है धन और सुख-समृद्धि
आज के समय में मनी प्लांट लगभग हर घर में देखने को मिल जाता है। इसे केवल सजावटी पौधा ही नहीं बल्कि धन और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। इसकी हरी-भरी पत्तियां आंखों को ठंडक देती हैं और घर में प्राकृतिक कूलिंग इफेक्ट पैदा करती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट का संबंध कुबेर देव और बुध ग्रह से माना जाता है। बुध ग्रह को हरा रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए यह पौधा बुध को मजबूत करने में सहायक माना जाता है। नौतपा के दौरान घर में नया मनी प्लांट लाकर उसे दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में रखना बेहद शुभ माना गया है।
मान्यता है कि इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। साथ ही घर में आर्थिक उन्नति और खुशहाली का वातावरण बना रहता है।
नौतपा में पौधों से जुड़ी जरूरी वास्तु सावधानियां
नौतपा के दौरान तेज धूप के कारण पौधे जल्दी सूखने लगते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखे पौधों की पत्तियां कभी भी सूखी या पीली नहीं होनी चाहिए। इससे बुध ग्रह कमजोर होता है और घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है। इसलिए पौधों को सुबह और शाम नियमित रूप से पानी देना चाहिए।
इसके अलावा इस दौरान घर के अंदर कांटेदार या दूध निकलने वाले पौधे लगाने से बचना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ऐसे पौधे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे घर में तनाव और अशांति बनी रहती है।
नौतपा के इन कठिन दिनों में यदि आप घर में सही दिशा में सही पौधे लगाते हैं, तो इससे न केवल वातावरण शीतल और सुखद बनता है बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति भी बनी रहती है।