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दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > नाखूनों से ग्रहों की स्थिति कैसे जानें? लाल किताब के अनुसार संकेत और उपाय
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

नाखूनों से ग्रहों की स्थिति कैसे जानें? लाल किताब के अनुसार संकेत और उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: June 7, 2026 1:38 pm
दिव्यसुधा
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नाखूनों के रंग और आकार से ग्रहों की स्थिति दर्शाती लाल किताब से जुड़ी ज्योतिषीय जानकारी
नाखूनों के रंग और आकार से ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभावों के संकेत मिलने की मान्यता है।
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भारतीय ज्योतिष और लाल किताब में शरीर के विभिन्न अंगों को ग्रहों की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र की तरह नाखूनों का अध्ययन भी व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य और ग्रहों की दशा के बारे में संकेत देने वाला माना गया है। लाल किताब के अनुसार नाखूनों का रंग, आकार और बनावट व्यक्ति के जीवन में ग्रहों के शुभ या अशुभ प्रभावों की ओर इशारा कर सकते हैं। हालांकि यह केवल संकेत माने जाते हैं, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इनका विशेष महत्व बताया गया है।

कमजोर बुध ग्रह के संकेत
लाल किताब के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के नाखून गोल आकार के हों या उनमें हल्का हरापन दिखाई दे, तो यह बुध ग्रह की कमजोरी का संकेत माना जाता है। बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार का कारक माना जाता है।

जब बुध कमजोर होता है तो व्यक्ति को पढ़ाई में बाधाओं, निर्णय लेने में कठिनाई और व्यापार में नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने, गाय को हरा चारा खिलाने और भगवान गणेश की पूजा करने की सलाह दी जाती है। साथ ही “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जप लाभकारी माना गया है।

कमजोर राहु के संकेत
यदि नाखून चौड़े दिखाई दें, बिना किसी चोट के नीले रंग के नजर आएं या उनका आकार टेढ़ा-मेढ़ा हो, तो यह राहु की कमजोरी का संकेत माना जाता है। राहु को छाया ग्रह कहा जाता है, जो व्यक्ति के मन और विचारों पर गहरा प्रभाव डालता है।

कमजोर राहु व्यक्ति के मन में भय, भ्रम और अस्थिरता पैदा कर सकता है। कई बार व्यक्ति सही निर्णय लेने में भी कठिनाई महसूस करता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से रक्त और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। राहु के प्रभाव को संतुलित करने के लिए “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जप और भगवान शिव को जल अर्पित करना शुभ माना गया है।

कमजोर शुक्र ग्रह के संकेत
यदि नाखून छोटे हों और उनका रंग सफेद दिखाई दे, तो इसे कमजोर शुक्र का संकेत माना जाता है। शुक्र ग्रह सौंदर्य, वैवाहिक सुख, प्रेम, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक है।

शुक्र कमजोर होने पर व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में तनाव, आर्थिक परेशानियों और सुख-सुविधाओं में कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शुक्रवार के दिन दूध, दही, चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का जप और गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करना भी शुभ माना गया है।

कमजोर बृहस्पति के संकेत
पीले रंग के नाखून या अत्यधिक छोटे नाखून बृहस्पति ग्रह की कमजोरी का संकेत माने जाते हैं। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बहुत लंबे और सुनहरे रंग जैसे दिखने वाले नाखून भी कमजोर गुरु ग्रह की ओर संकेत कर सकते हैं।

बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, धन और विवाह का कारक माना जाता है। इसके कमजोर होने पर व्यक्ति को करियर में रुकावट, आर्थिक चुनौतियों और वैवाहिक जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान, हल्दी मिश्रित जल से स्नान और भगवान विष्णु की आराधना करना शुभ माना जाता है।

कमजोर केतु के संकेत
बहुत लंबे, संकरे या चितकबरे रंग के नाखून केतु ग्रह की कमजोरी का संकेत माने जाते हैं। केतु भी एक छाया ग्रह है, जो आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान और वैराग्य से जुड़ा माना जाता है।

केतु कमजोर होने पर व्यक्ति के जीवन में भ्रम, अस्थिरता और निर्णय लेने में कठिनाई आ सकती है। मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में भगवान गणेश की पूजा, दूर्वा अर्पित करना और कुत्तों को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। “ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का जप भी लाभकारी बताया गया है।

कमजोर शनि ग्रह के संकेत
यदि नाखून मध्यम आकार के हों और उनमें कालापन दिखाई देता हो, तो यह शनि ग्रह की प्रतिकूल स्थिति का संकेत माना जाता है। शनि को कर्मफलदाता ग्रह कहा जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं।

शनि कमजोर होने पर व्यक्ति को करियर में बार-बार संघर्ष, मेहनत के अनुरूप सफलता न मिलना और जीवन में विभिन्न प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शनिवार को काले तिल, काले वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप भी लाभदायक माना जाता है।

लाल किताब के अनुसार नाखून केवल शरीर का एक हिस्सा नहीं, बल्कि ग्रहों की स्थिति के संकेतक भी माने जाते हैं। नाखूनों के रंग, आकार और बनावट से ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में संकेत प्राप्त किए जा सकते हैं। हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह समझना आवश्यक है कि नाखूनों में बदलाव स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी हो सकते हैं। इसलिए ज्योतिषीय संकेतों के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच को भी महत्व देना चाहिए। आस्था और सकारात्मक कर्मों के साथ किए गए उपाय जीवन में संतुलन और मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं।

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