ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को देवताओं का सेनापति कहा गया है। यह ग्रह साहस, पराक्रम, ऊर्जा, भूमि, संपत्ति और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। जब मंगल शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को सफलता, आत्मविश्वास और शक्ति प्राप्त होती है, लेकिन जब यह अशुभ हो जाता है तो जीवन में क्रोध, विवाद और अस्थिरता बढ़ जाती है। आने वाले 27 अक्टूबर को मंगल अपने स्वगृही स्थान ‘वृश्चिक राशि’ में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे ‘मंगल का महागोचर’ कहा जा रहा है। यह गोचर अगले 47 दिनों तक प्रभावी रहेगा और इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन विशेष रूप से ‘मेष, वृषभ, कर्क, सिंह और मकर’ राशियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मंगल का गोचर: वृश्चिक में ऊर्जा का उफान
वृश्चिक राशि मंगल की अपनी राशि है, इसलिए यह गोचर अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। इस दौरान लोगों के भीतर ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा, लेकिन यदि यह ऊर्जा नियंत्रण में न रही, तो यह गुस्से और तनाव का कारण भी बन सकती है। ऐसे समय में संयम, ध्यान और साधना सबसे अच्छे उपाय माने गए हैं। मंगल का यह गोचर आत्मबल बढ़ाने वाला है, लेकिन यह उसी व्यक्ति को लाभ देगा जो अपने कार्यों में अनुशासन रखेगा।
मेष राशि – आत्मविश्वास बढ़ेगा, पर गुस्से से करें सावधान
मंगल का गोचर मेष राशि वालों में आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार करेगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन साथ ही अहंकार और आवेश भी बढ़ सकता है। इस अवधि में आपको किसी भी विवाद, कानूनी मामले या बहस से दूर रहना चाहिए। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, क्योंकि दुर्घटना की संभावना बन सकती है। ध्यान और प्राणायाम से मन को शांत रखना लाभकारी रहेगा।
वृषभ राशि – खर्चों में वृद्धि और संबंधों में तनाव
इस गोचर से वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अचानक खर्च बढ़ेंगे और कुछ पुराने निवेश नुकसान दे सकते हैं। परिवार में मनमुटाव या संवाद की कमी के कारण तनाव की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है, विशेषकर पेट और रक्त संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय न लें और यात्राओं में सतर्क रहें।
कर्क राशि – कार्यस्थल पर विवाद और मानसिक दबाव
कर्क राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर कार्यस्थल पर चुनौतियां ला सकता है। सहकर्मियों या वरिष्ठों से मतभेद की संभावना है। मानसिक दबाव बढ़ेगा, जिससे नींद और स्वास्थ्य प्रभावित हो सकते हैं। घरेलू जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी, इसलिए इस समय संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। आर्थिक रूप से भी यह अवधि सावधानी से चलने की सलाह देती है।
मंगल का महागोचर आत्मबल और शक्ति का संकेत है, लेकिन यह उन्हीं लोगों को लाभ देगा जो अपनी ऊर्जा को सही दिशा में प्रयोग करेंगे। इन 47 दिनों में ध्यान, योग और संयम का पालन सबसे बड़ा उपाय है। याद रखें मंगल का उद्देश्य केवल युद्ध नहीं, बल्कि भीतर के योद्धा को जगाना है।