Sunday, 28 Jun 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > मंदिर में घंटी क्यों बजाई जाती है? जानिए धार्मिक महत्व, लाभ और सही नियम
अन्य

मंदिर में घंटी क्यों बजाई जाती है? जानिए धार्मिक महत्व, लाभ और सही नियम

दिव्यसुधा
Last updated: June 27, 2026 2:36 pm
दिव्यसुधा
Share
मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगी घंटी बजाते हुए श्रद्धालु, धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक महत्व का दृश्य।
मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धा और सही विधि से घंटी बजाना शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
SHARE

जब भी हम किसी हिंदू मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर मंदिर के मुख्य द्वार पर लगी घंटी पर पड़ती है। लगभग हर श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करने से पहले श्रद्धापूर्वक घंटी बजाता है और अपने आराध्य का जयकारा लगाता है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरा आध्यात्मिक महत्व रखने वाली प्राचीन परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार मंदिर की घंटी की मधुर ध्वनि मन, वातावरण और चेतना को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।

मंदिर में घंटी बजाने का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब कोई भक्त मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाता है, तो वह अपने आराध्य को अपनी उपस्थिति का संकेत देता है। यह भाव होता है कि भक्त श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान के दर्शन करने आया है। ऐसा माना जाता है कि घंटी की पवित्र ध्वनि से मंदिर का वातावरण दिव्यता से भर जाता है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होता है।

मान्यता यह भी है कि घंटी की ध्वनि से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक कंपन उत्पन्न होते हैं। यह ध्वनि मन की चंचलता को शांत कर व्यक्ति को एकाग्र बनाती है, जिससे पूजा में मन सहज रूप से लगने लगता है।

पूजा के समय घंटी क्यों बजाई जाती है?
पूजा और आरती के समय घंटी बजाने का विशेष महत्व बताया गया है। आरती के दौरान घंटी की मधुर ध्वनि, मंत्रोच्चार और भजन के साथ मिलकर ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाती है, जिससे मन भक्ति में पूरी तरह डूब जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे पूजा का प्रभाव और अधिक शुभ माना जाता है तथा भक्त का मन ईश्वर से जुड़ जाता है।

घंटी बजाने के सही नियम
धार्मिक परंपराओं के अनुसार मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी को दो या तीन बार मधुर स्वर में बजाना उचित माना जाता है। घंटी को बहुत तेज या कर्कश ध्वनि के साथ नहीं बजाना चाहिए। आरती के समय पूरे अनुष्ठान के दौरान मधुर लय में घंटी बजाई जा सकती है।

एक महत्वपूर्ण नियम यह भी है कि जब दर्शन और पूजा पूरी हो जाए तथा आप मंदिर से बाहर निकलें, तब घंटी नहीं बजानी चाहिए। घंटी केवल आगमन के समय अपनी उपस्थिति प्रकट करने के लिए बजाई जाती है, विदा होते समय नहीं।

इन बातों का भी रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दोपहर का समय भगवान के विश्राम का माना जाता है। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में इस समय पट बंद रहते हैं और घंटी बजाना या पूजा करना उचित नहीं माना जाता। इसके अलावा कुछ प्राचीन मंदिरों के गर्भगृह में घंटी बजाने के विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करना प्रत्येक श्रद्धालु का कर्तव्य माना जाता है।

मंदिर की घंटी केवल धातु से बनी एक वस्तु नहीं, बल्कि श्रद्धा, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। जब भी मंदिर जाएं, घंटी श्रद्धा, मर्यादा और सही विधि से बजाएं। ऐसा करने से मन एकाग्र होता है, भक्ति का भाव बढ़ता है और ईश्वर के प्रति समर्पण की अनुभूति और भी गहरी हो जाती है।

TAGGED:आध्यात्मिकताआरतीघंटी का धार्मिक महत्वधार्मिक मान्यताएंपूजा के नियमपूजा-पाठभगवानमंदिरमंदिर की घंटीमंदिर दर्शनमंदिर में घंटी क्यों बजाई जाती हैसकारात्मक ऊर्जासनातन धर्महिंदू धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 28 जून 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल और ग्रहों का प्रभाव 27 जून का राशिफल: सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल
Next Article 27 जून 2026 राशिफल: इन 5 राशियों पर रहेगी शनिदेव और गुरु की विशेष कृपा, धन योग से मिलेगा लाभ 27 जून 2026 राशिफल: शनिदेव की कृपा से इन 5 राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में सफलता
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

होलिका दहन की रात में तुलसी के पास दीपक जलाते हुए व्यक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य के लिए
व्रत और त्योहार

होली के दिन अपनाएँ ये खास उपाय, चमक उठेगी किस्मत और दूर होंगे सारे कष्ट

By दिव्यसुधा
अन्य

Catching Every Beat of World News as it Happens

By दिव्यसुधा
bhagwan vishnu
अन्य

गुरुवार के ये चमत्कारी उपाय करेंगे, तो घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरा

By दिव्यसुधा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक, वंदनवार और कलश
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार का महत्व और शुभ उपाय

By Ekta Mishra
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?