Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > Masik Shivratri 25 मई 2025: मई माह में कब है मासिक शिवरात्रि? जानिए तिथि और शिव-पार्वती की पूजा विधि
व्रत और त्योहार

Masik Shivratri 25 मई 2025: मई माह में कब है मासिक शिवरात्रि? जानिए तिथि और शिव-पार्वती की पूजा विधि

दिव्यसुधा
Last updated: May 24, 2025 6:23 pm
दिव्यसुधा
Share
masik shivratri
SHARE

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत महत्व है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनचाही इच्छाएं पूरी होती हैं। यह दिन खासकर अविवाहित लड़के-लड़कियों के लिए शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह व्रत करने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। वहीं विवाहित लोगों को वैवाहिक जीवन की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। आइए जानें कि मई महीने में मासिक शिवरात्रि किस तारीख को आएगी।

25 मई 2025 मासिक शिवरात्रि की तिथि

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 25 मई को दोपहर 3 बजकर 51 मिनट पर होगा और वहीं इसका समापन 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस दिन निशिता काल पूजा मुहूर्त 25 मई की रात 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। ऐसे में ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि इस वर्ष 25 मई 2025 को मनाई जाएगी।

मासिक शिवरात्रि के दिन कैसे करें शिव- पार्वती की पूजा

अगर वैवाहिक जीवन में तनाव है या शादी में देर हो रही है, तो मासिक शिवरात्रि के दिन शिव और पार्वती की विशेष पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाएं और मिठाई का भोग लगाएं। सच्चे मन से की गई यह पूजा जीवन की परेशानियों को दूर करती है और घर में सुख-शांति लाती है।

मई मासिक शिवरात्रि 2025 शुभ मुहूर्त :

मई मासिक शिवरात्रि के दिन कई महत्वपूर्ण मुहूर्त होते हैं जिनमें पूजा करने से विशेष फल मिलते हैं:

सूर्योदय: सुबह 5:26 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:11 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:04 से 4:45 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:36 से 3:31 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 से दोपहर 12:50 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:09 से 7:30 बजे तक
निशीथ पूजा मुहूर्त: रात 11:22 से 12:01 बजे तक
इन मुहूर्तों में विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा, अभिषेक और मंत्र जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है.

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भस्म चढ़ाएं। भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी की भी पूजा करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए आरती करें और भगवान से अपने परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। रात के समय, खासकर निशीथ काल में की गई पूजा सबसे फलदायक मानी जाती है।

मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन दूध, दही, शहद, गंगाजल और बेलपत्र से भगवान शिव को स्नान कराएं और फिर आरती करें। ऐसा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

TAGGED:25 may 2025 masik shivratrihumare bhgwanmasik shivratrishiv jishiv parvativart tyoharसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article रविवार को भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो सकती है पैसों की परेशानी
Next Article rashifal राशिफल 25 मई 2025 : तुला राशि वालों पर दिन मेहरबान, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

maa durga
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… देवी माँ के अलग-अलग वाहनों पर आने का क्या है रहस्य

By दिव्यसुधा
मौनी अमावस्या 2026 पर गंगा स्नान, मौन व्रत और पूजा करते श्रद्धालु
व्रत और त्योहार

मौनी अमावस्या 2026: रविवार का दिव्य संयोग, व्रत का महत्व और कथा

By दिव्यसुधा
maa durga
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष…माँ भगवती को क्यों कहा जाता है देवी दुर्गा?

By दिव्यसुधा
कार्तिक पूर्णिमा 2025 व्रत और पूजा विधि – गंगा स्नान, दीपदान और भगवान विष्णु-शिव की आराधना
व्रत और त्योहार

कार्तिक पूर्णिमा का व्रत कब है 4 या 5 नवंबर, जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?