Monday, 20 Jul 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > मां आशापुरी धाम खरगोन: अर्जुन की तपोभूमि और रहस्य
मंदिर

मां आशापुरी धाम खरगोन: अर्जुन की तपोभूमि और रहस्य

दिव्यसुधा
Last updated: July 19, 2026 1:08 pm
दिव्यसुधा
Share
मध्य प्रदेश खरगोन स्थित मां आशापुरी धाम का प्राचीन मंदिर जहां अर्जुन ने तपस्या की थी
गुप्त नवरात्रि में मां आशापुरी धाम में उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था, महाभारत काल से जुड़ी है इस प्राचीन मंदिर की मान्यता।
SHARE

गुप्त नवरात्रि का पर्व देवी साधना और शक्ति उपासना का विशेष समय माना जाता है। इस पावन अवसर पर देशभर के शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि आप गुप्त नवरात्रि में किसी ऐसे प्राचीन शक्ति धाम के दर्शन करना चाहते हैं, जहां आस्था के साथ महाभारत काल की मान्यताएं भी जुड़ी हों, तो मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित मां आशापुरी धाम आपके लिए एक विशेष तीर्थ हो सकता है। विंध्याचल पर्वत की तलहटी में स्थित यह प्राचीन मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है।

गुप्त नवरात्रि में उमड़ती है भक्तों की आस्था
गुप्त नवरात्रि के दौरान मां आशापुरी धाम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। सुबह से ही श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचने लगते हैं। मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां माता का आशीर्वाद लेने आते हैं। मंदिर परिसर में गुप्त नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, माता का दिव्य श्रृंगार और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। नवरात्रि की शुरुआत ध्वज पूजन, मंडप स्थापना, घट स्थापना और अभिषेक के साथ होती है। इसके बाद प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से शाम की आरती तक नवचंडी यज्ञ आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

द्वापर युग से जुड़ी है मां आशापुरी की महिमा
मां आशापुरी धाम को लेकर कई प्राचीन मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि द्वापर युग में माता एक छोटी गुफा में विराजमान थीं। समय के साथ यह स्थान एक महत्वपूर्ण शक्ति उपासना केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हुआ। मंदिर के इतिहास के अनुसार लगभग 12वीं शताब्दी, यानी करीब 800 वर्ष पहले इसका पहला जीर्णोद्धार कराया गया था। बाद में वर्ष 2012 में श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण किया गया। आज यह मंदिर न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के प्रमुख शक्ति धामों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है।

जहां अर्जुन ने प्राप्त किया था विजय का आशीर्वाद
मां आशापुरी धाम की सबसे महत्वपूर्ण मान्यता महाभारत काल से जुड़ी हुई है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, पांडव पुत्र अर्जुन ने इसी स्थान पर कठोर तपस्या कर मां आशापुरी की आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें युद्ध में विजय का आशीर्वाद प्रदान किया। इसी कारण यह मंदिर पांडवों की तपोभूमि के रूप में भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है।

आल्हा-ऊदल की तपस्थली भी माना जाता है यह धाम
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, महायोद्धा आल्हा और ऊदल ने भी इस पवित्र स्थान पर साधना की थी। वर्षों से चली आ रही इन मान्यताओं ने मां आशापुरी धाम को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है।

कई राज्यों के लोगों की कुलदेवी हैं मां आशापुरी
मां आशापुरी को केवल एक शक्तिपीठ के रूप में ही नहीं, बल्कि अनेक परिवारों की कुलदेवी के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि राजा मांधाता और पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी भी मां आशापुरी ही थीं। आज भी उनके वंशज समय-समय पर यहां दर्शन और विशेष पूजन के लिए पहुंचते हैं। मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों के अनेक गोत्रों के लोग मां आशापुरी को अपनी कुलदेवी मानते हैं। परिवार में विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण या किसी भी शुभ कार्य से पहले यहां आकर माता का आशीर्वाद लेने की परंपरा आज भी श्रद्धापूर्वक निभाई जाती है।

सच्ची श्रद्धा से पूरी होती है हर मनोकामना
भक्तों का विश्वास है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और अटूट विश्वास के साथ मां आशापुरी के दरबार में अपनी प्रार्थना लेकर आता है, माता उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं। यही अटूट आस्था हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को इस पावन धाम तक खींच लाती है। गुप्त नवरात्रि के इस पावन अवसर पर यदि आप शक्ति की उपासना के साथ इतिहास, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम अनुभव करना चाहते हैं, तो मां आशापुरी धाम की यात्रा निश्चित रूप से आपके लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन सकती है।

TAGGED:आध्यात्मिक स्थलखरगोन मंदिरगुप्त नवरात्रिदेवी मंदिरधार्मिक यात्रापौराणिक स्थलमध्य प्रदेश धार्मिक स्थलमहाभारत कथामां आशापुरी धाममाता रानी मंदिरशक्ति उपासनासनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 21 जुलाई 2026 मंगलवार का दैनिक राशिफल, सभी 12 राशियों के लिए करियर, धन, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़े ज्योतिषीय संकेत आज का राशिफल: 12 राशियों का आर्थिक और करियर भविष्यफल जानें
Next Article गुरु बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन 2026 और 4 राशियों पर पड़ने वाले शुभ प्रभाव का ज्योतिषीय चित्र गुरु नक्षत्र परिवर्तन 2026: इन 4 राशियों को मिलेगा लाभ
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में पहाड़ी चोटी पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर का मनमोहक दृश्य
मंदिर

उत्तराखंड का अद्भुत धाम: जहां अस्थियों की होती है पूजा

By Ekta Mishra
संकष्टी चतुर्थी 2025 पर भगवान गणेश की पूजा और व्रत का शुभ मुहूर्त
व्रत और त्योहार

विनायक चतुर्थी 2025: कब है और क्यों मनाई जाती है

By दिव्यसुधा
पौष मासिक शिवरात्रि 2025 पर भगवान शिव की पूजा और अभिषेक
आरती/मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र: मृत्यु को मात देने वाला महामंत्र, जानिए लाभ और नियम

By दिव्यसुधा
भगवान सत्यनारायण की व्रत कथा, द्वितीय – अध्याय
व्रत और त्योहार

श्री सत्यनारायण व्रत कथा, तृतीय – अध्याय

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?