Surya Grahan 2025: 21 सितंबर 2025 को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस साल का दूसरा और आखिरी होगा जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालाकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन इसका प्रभाव सभी राशियों पर महसूस किया जाएगा विशेषकर वृषभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण अशुभ परिणाम लेकर आ सकता है।
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण मानसिक उलझनों और मति भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। वृषभ राशि के लोग इस दौरान अपने फैसले सोच-समझकर लें क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतनी होगी। आर्थिक लेन-देन और नए सौदों में धोखे या ठगी का खतरा बना रहेगा इसलिए किसी अनजान पर भरोसा करने से बचें। इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। तनाव और गलतफहमियों से बचने के लिए धैर्य रखना आवश्यक होगा। खान-पान का विशेष ध्यान रखें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें। सूर्य ग्रहण की अवधि भारतीय समयानुसार 21 सितंबर रात 11 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की मध्यरात्रि 3:23 बजे तक रहेगी। इसकी चरम अवधि रात 1:11 बजे होगी। यह ग्रहण मुख्यतः दक्षिणी प्रशांत महासागर, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका के हिस्सों में दिखाई देगा।
चूंकि भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा इसलिए सूतक काल लागू नहीं होगा। परन्तु ग्रहण का प्रभाव सभी पर अलग-अलग रूप में अनुभव किया जाएगा खासकर वृषभ राशि वालों को अपनी सावधानियों को और अधिक बढ़ाना होगा।