नए साल की सुबह से पहले ही उमड़ी भक्तों की भीड़
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम में नए साल के पहले दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। 1 जनवरी को जैसे ही वर्ष 2026 की शुरुआत हुई, वैसे ही नीब करौरी बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात से ही बाबा के भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
रातभर भक्त आग जलाकर, भजन-कीर्तन करते हुए बाबा के दर्शन की प्रतीक्षा करते रहे। सुबह होते-होते कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र “जय नीब करौरी बाबा” के जयकारों से गूंज उठा। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग नए साल की शुरुआत बाबा के चरणों में शीश नवाकर करने को आतुर दिखाई दिए।
देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे। भक्तों का मानना है कि नए साल की शुरुआत बाबा नीब करौरी के दर्शन से करने पर वर्ष भर सुख, शांति और सफलता बनी रहती है। यही कारण है कि हर वर्ष 1 जनवरी को कैंची धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है।
मंदिर समिति ने की सुचारु दर्शन व्यवस्था
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा दर्शन की विशेष और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई। सुरक्षा, कतार प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए समिति के सदस्य और स्वयंसेवक तैनात रहे। श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए गए और प्रसाद का वितरण किया गया।
भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भरा दिन
पूरे दिन कैंची धाम में भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। नए साल के पहले दिन उमड़ी यह अपार भीड़ बाबा नीब करौरी के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक बनी। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर वर्ष 2026 के लिए सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की।