Monday, 29 Jun 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: शुभ मुहूर्त, उपाय और धार्मिक महत्व
व्रत और त्योहार

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: शुभ मुहूर्त, उपाय और धार्मिक महत्व

दिव्यसुधा
Last updated: June 28, 2026 11:56 am
दिव्यसुधा
Share
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करते श्रद्धालु तथा पूर्णिमा का चंद्रमा।
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर श्रद्धापूर्वक पूजा, दान और चंद्रदेव को अर्घ्य देने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है।
SHARE

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इसे जेठ पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर पवित्र नदी में स्नान, व्रत, दान और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा चंद्रदेव की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 की ज्येष्ठ पूर्णिमा विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन मूल नक्षत्र और शुक्ल योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि 29 जून 2026 को प्रातः 3:06 बजे प्रारंभ होगी और 30 जून को सुबह 5:26 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 29 जून, सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत और पूजन किया जाएगा। यदि आप इस दिन पवित्र स्नान करना चाहते हैं, तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:06 बजे से 4:46 बजे तक रहेगा। इस समय स्नान और भगवान का स्मरण करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान सत्यनारायण, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। संध्या के समय माता लक्ष्मी की आराधना करने और उन्हें प्रिय नैवेद्य अर्पित करने से धन-धान्य, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होती है। वहीं रात्रि में चंद्रदेव को अर्घ्य देने से मानसिक तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये शुभ उपाय

माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं
पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा के बाद खीर में मिश्री मिलाकर भोग अर्पित करें। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

चंद्रदेव को अर्घ्य दें
रात्रि में चंद्रमा को जल, दूध, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करें। यह उपाय मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भावनात्मक संतुलन प्रदान करने वाला माना जाता है।

मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं
पूर्णिमा की सुबह या संध्या समय घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।

भगवान शिव का जलाभिषेक करें
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित करें। भोलेनाथ की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा परिवार में सुख, शांति और मंगल का वातावरण बना रहता है।

दान-पुण्य अवश्य करें
इस दिन अन्न, वस्त्र, जल, फल या अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। सेवा और दान से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और मानसिक संतोष भी मिलता है।

पूर्णिमा के दिन रखें इन बातों का ध्यान
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन क्रोध, कटु वचन और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। दिनभर भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और सात्विक आहार अपनाना शुभ माना जाता है। परिवार के साथ मिलकर पूजा करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से इस दिन का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन श्रद्धापूर्वक स्नान, व्रत, पूजा, दान और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भगवान शिव तथा चंद्रदेव की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है। यदि आप पूरे मन से इन शुभ उपायों का पालन करते हैं, तो यह पावन दिन आपके जीवन में मंगल और उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article तुलसी के पौधे पर लगी मंजरी, जिसे सनातन धर्म में शुभता, समृद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी की मंजरी का धार्मिक महत्व, शुभ संकेत और सही उपयोग
Next Article मेहंदीपुर बालाजी, कामाख्या, काल भैरव और अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु, जहां प्रसाद घर ले जाने की विशेष धार्मिक परंपरा नहीं है। इन मंदिरों का प्रसाद घर क्यों नहीं लाना चाहिए? जानें कारण
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा का चित्र, जपमाला और कमंडल के साथ शांत स्वरूप
व्रत और त्योहार

 आइए जाने नवरात्रि के दूसरे दिन किस माता की पूजा की जाती है और इसका महत्व

By दिव्यसुधा
चैत्र नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के उपाय और पूजा विधि
व्रत और त्योहार

चैत्र नवरात्र 2026: मां दुर्गा को प्रसन्न करने के शक्तिशाली उपाय और उनका महत्व

By Ekta Mishra
Maa Durga
व्रत और त्योहार

इस बार चैत्र नवरात्रि पर माँ दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही है

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

हरियाली तीज: सुहाग और सौभाग्य के लिए रखा जाएगा निर्जला व्रत

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?