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दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > Hanuman Mandir : हनुमान जी का वो मंदिर जहां स्त्री रूप में हैं शनि देव
मंदिर

Hanuman Mandir : हनुमान जी का वो मंदिर जहां स्त्री रूप में हैं शनि देव

दिव्यसुधा
Last updated: March 12, 2025 9:34 am
दिव्यसुधा
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Hanuman Mandir
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क्या आपने कभी शनि देव को स्त्री रूप में देखा है. ये सवाल शायद कुछ लोगों को हैरान कर देगा. लेकिन ऐसा सच में है. गुजरात में हनुमान भगवान का एक मंदिर है. इस मंदिर में ही शनि देव स्त्री रूप में भगवान के चरणों में विराजमान हैं.

नवग्रहों में एक सबसे प्रबल गृह शनिदेव के बारे में माना जाता है कि जिस पर शनि की शुभ दृष्टि ना हो तो उसे बहुत पेरशानियों को सामना करना पड़ता है. शनिदेव से केवल इंसान ही नहीं बल्कि देवता भयभीत रहे हैं. कहा जाता है कि अगर शनि देव की दृष्टि किसी पर पड़ गई तो उसका पूरा जीवन ही समस्याओं से घिर जाता है. लेकिन सच्चे मन से शनि देव की पूजा करने पर इसका फल भी मिलता है और शनि दोष दूर हो जाते हैं. वैसे तो शनि देव के देशभर में कई सारे मंदिर हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव का एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर वे स्त्री रूप में विराजते हैं. बता रहे हैं कि आखिर वो मंदिर कौन सा है और कहां है.

कहां है मंदिर
गुजरात के भावनगर के पास सारंगपुर में हनुमान भगवान का दुर्लभ मंदिर है. इस मंदिर का नाम कष्टभंजन हनुमान मंदिर है. ये मंदिर अपनी भव्यता और पौराणिक गाथाओं की वजह से मशहूर है. इस मंदिर में हनुमान भगवान सोने के सिंहासन पर बैठे हुए नजर आते हैं. इसके अलावा वहां पर उनके चरणों में नीचे शनि देव नजर आते हैं. ऐसा दुर्लभ दृश्य दुनिया में और कहीं पर भी देखने को नहीं मिलेगा. इसलिए इस मंदिर की बहुत विशेषता है. इस जगह पर हनुमान भगवान को महाराजाधिराज के नाम से भी जाना जाता है. हनुमान जी की मूर्ति के पास ही यहां पर वानर सेना को भी देखा जा सकता है. इसके अलावा शनि देव हनुमान जी के चरणों पर स्त्री रूप में बैठे भी नजर आते हैं.

क्या है मान्यता
एक समय ऐसा था जब लोगों पर शनि देव का प्रकोप काफी बढ़ गया था. उनके गुस्से का सामना करना मुश्किल हो गया था. ऐसे में उस समय भक्तों ने हनुमान जी से विनती की और मदद की गुहार लगाई. उनकी विनती सुनकर भगवान ने भी ठान लिया कि वे इसके लिए शनि देव को दंड देंगे. जैसे ही ये बात शनि देव को पता चली वे भयभीत हो गए और उन्होंने हनुमान के प्रकोप से खुद को बचाने के लिए स्त्री रूप धारण कर लिया. दरअसल हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और वे कभी भी किसी महिला पर हाथ नहीं उठाते हैं.

दूर होते हैं शनि दोष
ऐसे में जब हनुमान जी आए तो शनि देव स्त्री रूप धारण कर के हनुमान जी के चरणों में नतमस्तक हो गए. ऐसा करने पर हनुमान जी ने शनि देव को क्षमा कर दिया. हनुमान जी से क्षमा पाने के बाद शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया कि उनके भक्तों पर शनि दोष का असर नहीं होगा. इसके बाद से ही इस जगह पर हनुमान जी के साथ ही शनि देव की भी पूजा की जाती है. ऐसा करने से शनि दोष भी कटता है और इंसान के जीवन की बाधाएं भी कम होती हैं. वैसे तो ये मंदिर बहुत लाभकारी है लेकिन उन लोगों के लिए ज्यादा शुभ है जिनकी कुंडली में शनि दोष है.

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