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दिव्य सुधा > अन्य > हनुमान जयंती 2026: पूजा विधि, उपाय और धार्मिक महत्व
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हनुमान जयंती 2026: पूजा विधि, उपाय और धार्मिक महत्व

दिव्यसुधा
Last updated: March 31, 2026 5:23 pm
दिव्यसुधा
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हनुमान जयंती पूजा और उपाय – बजरंगबली की आराधना
हनुमान जयंती 2026: संकट निवारण और शक्ति प्राप्ति का पावन अवसर
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हिंदू धर्म में हनुमान जयंती को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली पर्व माना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है जो जीवन में भय, बाधाओं या संकटों से जूझ रहे होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से बजरंगबली की पूजा करने और उनसे जुड़े उपाय करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं तथा जीवन में साहस, ऊर्जा और सफलता का संचार होता है। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व भक्तों के लिए संकटों से मुक्ति पाने का उत्तम अवसर माना जाता है।

कब है हनुमान जयंती?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि का आरंभ 1 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से होगा और इसका समापन 2 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

हनुमान चालीसा का पाठ
हनुमान जयंती के दिन पूजा स्थान पर एक चौकी स्थापित कर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। उनके समक्ष दीपक जलाकर फूल अर्पित करें और विधिपूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करें। अंत में प्रसाद अर्पित करें। ऐसा करने से हनुमान जी की कृपा बनी रहती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।

नारियल से विशेष उपाय
इस दिन एक पानी वाला नारियल लेकर उसे साफ करें और उस पर हल्दी, रोली व चावल लगाकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें। इसके बाद 21 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। फिर उस नारियल को लाल कपड़े में बांधकर पूरे घर में घुमाएं और अंत में घर के बाहर ऐसी जगह लटका दें जहां हवा और प्रकाश आता हो। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक माना जाता है।

राम नाम का उपाय
हनुमान जी को राम नाम अत्यंत प्रिय है। इस दिन पीपल के पत्तों पर तेल और सिंदूर से “राम” लिखकर 11 पत्तों की माला बनाएं और हनुमान जी को अर्पित करें। इससे बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में भय व बाधाएं दूर होती हैं।

सिंदूर और चमेली तेल का चोला
हनुमान जयंती पर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह उपाय विशेष रूप से शत्रु बाधा, भय और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में प्रभावी होता है।

बजरंग बाण का पाठ
यदि जीवन में लगातार समस्याएं बनी हुई हैं, तो इस दिन बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। श्रद्धा और नियम के साथ इसका पाठ करने से बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।

हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और शक्ति का प्रतीक है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ और उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और उसे हर प्रकार के संकट से मुक्ति दिलाते हैं।

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