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दिव्य सुधा > अन्य > गुरुवार का पीला तिलक: गुरु दोष दूर करने का आसान उपाय, जानें महत्व और विधि
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गुरुवार का पीला तिलक: गुरु दोष दूर करने का आसान उपाय, जानें महत्व और विधि

दिव्यसुधा
Last updated: June 18, 2026 1:14 pm
दिव्यसुधा
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गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा के दौरान माथे पर लगाया गया पीला तिलक
गुरुवार का पीला तिलक गुरु कृपा, ज्ञान और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
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गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन में ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में गुरु दोष होता है, उनके लिए पीले रंग का तिलक बहुत शुभ माना गया है।

पीले तिलक का धार्मिक महत्व
पीला रंग ज्ञान, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। ऐसा विश्वास है कि गुरुवार के दिन पीला तिलक लगाने से व्यक्ति के जीवन में बुद्धि, विवेक और सम्मान की वृद्धि होती है। यह भी माना जाता है कि नियमित रूप से पीला तिलक लगाने से कुंडली में मौजूद गुरु दोष शांत होता है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं।

पीला तिलक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
पीला तिलक बनाना बहुत सरल है और इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए आपको चाहिए—केसर
हल्दी
सफेद चंदन पाउडर
गुलाब जल या शुद्ध जल
एक छोटी कटोरी
चम्मच या लकड़ी की स्टिक
पीला तिलक बनाने की सरल विधि

सबसे पहले स्नान करके स्वयं को शुद्ध कर लें और पूजा स्थल पर बैठ जाएं। इसके बाद एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा गुलाब जल या शुद्ध जल लें।अब उसमें 5 से 7 केसर के रेशे डालें और लगभग 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि केसर अपना रंग छोड़ दे। जब जल हल्का नारंगी या पीला रंग लेने लगे, तब उसमें सफेद चंदन पाउडर मिलाएं। धीरे-धीरे चम्मच से मिश्रण को अच्छी तरह हिलाएं ताकि एक गाढ़ा और सुगंधित पीला तिलक तैयार हो जाए। यदि चंदन उपलब्ध न हो तो शुद्ध हल्दी का उपयोग भी किया जा सकता है, जिससे तिलक अधिक पीला और प्रभावशाली बनता है।

तिलक लगाने की सही विधि
तिलक लगाने से पहले अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें। इसके बाद अपने दाहिने हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) से तिलक लगाएं। अनामिका अंगुली से तिलक लगाना शुभ माना जाता है क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य को आकर्षित करती है।

तिलक लगाने का मंत्र
तिलक लगाते समय श्रद्धा से इस मंत्र का उच्चारण करें—

ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम्।
आपदां हरते नित्यं, लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥
पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु।
कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम्॥
ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम्।
इस मंत्र के साथ तिलक लगाने से मन को शांति और आत्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

आध्यात्मिक लाभ
गुरुवार का पीला तिलक केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह मन को स्थिर करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और जीवन में शुभता का संचार करता है।

हालांकि इसका वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया हर कर्म मनुष्य के मनोबल को मजबूत करता है। इसलिए गुरुवार के दिन पीला तिलक लगाना एक सुंदर आध्यात्मिक अभ्यास माना जाता है, जो व्यक्ति को शांति, सौभाग्य और सकारात्मकता की ओर ले जाता है।

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