सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पावन महीने में मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु घर पर भी भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं। कई लोग सावन में घर पर शिवलिंग स्थापित करने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में शिवलिंग स्थापित करते समय उसकी दिशा, आकार और नियमित पूजा से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। घर में शिवलिंग की स्थापना के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा में शिवलिंग स्थापित करके श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और नकारात्मकता दूर होती है।
ईशान कोण में करें शिवलिंग की स्थापना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में शिवलिंग रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यदि इस दिशा में शिवलिंग स्थापित किया गया है, तो पूजा करते समय साधक का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही शिवलिंग की जलधारी की दिशा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, शिवलिंग की जलधारी उत्तर दिशा की ओर होनी चाहिए। मान्यता है कि सही दिशा और विधि से की गई पूजा से मन को शांति मिलती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
घर में बहुत बड़ा शिवलिंग न रखें
घर में शिवलिंग स्थापित करते समय उसके आकार का भी ध्यान रखना चाहिए। पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, घर के लिए बहुत बड़े या भारी शिवलिंग के बजाय अंगूठे के आकार का शिवलिंग रखा जा सकता है। शिवलिंग स्थापित करने के बाद उसकी नियमित पूजा और सेवा करना भी जरूरी माना जाता है।
नियमित करें जलाभिषेक
घर में शिवलिंग स्थापित करने के बाद नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य और परंपरा के अनुसार शिवलिंग पर गंगाजल या दूध से अभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद भस्म, चंदन और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता में बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है।
घर में कौन-सा शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है?
शिवलिंग के कई स्वरूप बताए गए हैं। घर में स्थापना के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग को शुभ माना जाता है। पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के लिए अलग से प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं मानी जाती। इसके अलावा घर में स्फटिक शिवलिंग की स्थापना भी की जा सकती है। हालांकि, अलग-अलग परंपराओं और धार्मिक मतों में पूजा-विधि को लेकर कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए घर में शिवलिंग स्थापित करने से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा और योग्य आचार्य की सलाह लेना उचित माना जाता है।