हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन खास तौर से कान्हा जी के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में अगर आप जन्माष्टमी से पहले अपने घर से इन चीजों को बाहर कर देते हैं, तो इससे आपके ऊपर लड्डू गोपाल की कृपा बनी रहती है।
कब है जन्माष्टमी
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त को रात 8 बजकर 19 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 16 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर होगा। इस प्रकार जन्माष्टमी का व्रत शुक्रवार, 15 अगस्त को किया जाएगा। वहीं जन्माष्टमी व्रत का पारण शनिवार 16 अगस्त को किया जाएगा। इस दिन के शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेंगे –
रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत – 17 अगस्त, दोपहर 1 बजकर 8 मिनट तक
रोहिणी नक्षत्र समाप्त – 17 अगस्त, रात 11 बजकर 47 मिनट तक
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का मुहूर्त – रात 12 बजकर 45 मिनट से 1 बजकर 26 मिनट तक
बाहर करें ये चीजें
कृष्ण जन्माष्टमी से पहले आपको अपने घर से टूटी हुई मूर्तियां या चित्र और पुरानी व अनुपयोगी वस्तुएं खासकर खराब पड़ी घड़ी को घर से बाहर कर देना चाहिए। वरना इन चीजों से घर में नकारात्मकता और अशुद्धता बढ़ने लगती है। आप देवी-देवताओं की मूर्तियों को किसी बहते जल में प्रवाहित कर सकते हैं। इससे आपको दोष नहीं लगता।
बढ़ सकती है नकारात्मकता
घर में कभी भी जंग लगी चीजों को नहीं रखना चाहिए। ऐसे में अगर आपके घर में कोई बेकार लोहे का सामान पड़ा हुआ है, जिसमें जंग लग चुकी है, उसे भी घर से बाहर कर देना चाहिए। ऐसे में जन्माष्टमी के शुभ अवसर से पहले ऐसी चीजों को घर से बाहर कर दें, ताकि लड्डू गोपाल जी की कृपा आपके ऊपर बनी रहे।
रखें इन बातों का ध्यान
घर को साफ-सुथरा रखें। क्योंकि जिस घर में साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है। साथ ही स्वच्छ स्थान पर ही लक्ष्मी जी का भी वास बना रहता है। इसके साथ ही आप घर की पवित्रता को बढ़ाने के लिए जन्माष्टमी से पहले अपने घर में तुलसी का पौधा और मोर पंख आदि रख सकते हैं।