Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > हरियाली तीज के व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा पुण्य फल
व्रत और त्योहार

हरियाली तीज के व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा पुण्य फल

दिव्यसुधा
Last updated: July 25, 2025 6:16 pm
दिव्यसुधा
Share
SHARE

हरियाली तीज का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है, जिसका पालन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस दिन (Hariyali Teej 2025) महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। हालांकि कई बार अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जिनसे व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है, तो आइए उन गलतियों को जानते हैं।

हरियाली तीज व्रत नियम

  • हरियाली तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। हालांकि अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, तो व्रत क्षमता अनुसार ही रखें।
  • व्रत में पानी या फल का सेवन करने से व्रत अधूरा माना जाता है।
  • व्रत के दौरान क्रोध, झूठ, या किसी भी प्रकार की नकारात्मक विचारों से बचें।
  • इस दिन मन में किसी के प्रति ईर्ष्या रखने से व्रत टूट सकता है।
  • व्रत के समय शांत मन से भगवान शिव और माता पार्वती का नाम जप करें।
  • हरियाली तीज का व्रत सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक चलता है, ऐसे में इस दौरान तामसिक चीजों से दूर रहें।
  • यह व्रत कथा सुनने के बाद और पूजा करने के बाद ही पूर्ण होता है।
  • इस दिन सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह शृंगार का विशेष महत्व है, ऐसे में व्रत के दौरान शृंगार अधूरा न रखें।
  • तीज की रात महिलाएं भजन-कीर्तन कर जागरण करें।
  • भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग न करें।
  • व्रत के दौरान दूसरों के बारे में बुरा बोलने से बचें।

हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, अगले दिन यानी 27 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में इस साल हरियाली तीज का व्रत 26 जुलाई (Hariyali Teej Kab Hai?) को रखा जाएगा।

TAGGED:humare bhgwanmandirvart tyoharसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article पूजा में चप्पल-जूते क्यों वर्जित हैं? जानिए इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक रहस्य
Next Article आज का राशिफल: 26 जुलाई 2025
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

बीमारियों से नहीं मिल रहा निजात ? जानिए कैसे दूर करें घर के वास्तु दोष

By दिव्यसुधा
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते भक्त - शारदीय नवरात्रि 2025 का दूसरा दिन
अन्य

शारदीय नवरात्रि 2025: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना का महत्व, विधि, मंत्र और आरती

By दिव्यसुधा
featuredसनातन धर्म

पितृ पक्ष में क्यों वर्जित है प्याज-लहसुन? जानें सात्त्विक भोजन और श्राद्ध की परंपरा

By दिव्यसुधा
kedar nath
व्रत और त्योहार

केदारनाथ धाम के कपाट खुले: जानिए पहले दिन कैसे होता है भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?