हरियाली तीज का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है, जिसका पालन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस दिन (Hariyali Teej 2025) महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। हालांकि कई बार अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जिनसे व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है, तो आइए उन गलतियों को जानते हैं।
हरियाली तीज व्रत नियम
- हरियाली तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। हालांकि अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, तो व्रत क्षमता अनुसार ही रखें।
- व्रत में पानी या फल का सेवन करने से व्रत अधूरा माना जाता है।
- व्रत के दौरान क्रोध, झूठ, या किसी भी प्रकार की नकारात्मक विचारों से बचें।
- इस दिन मन में किसी के प्रति ईर्ष्या रखने से व्रत टूट सकता है।
- व्रत के समय शांत मन से भगवान शिव और माता पार्वती का नाम जप करें।
- हरियाली तीज का व्रत सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक चलता है, ऐसे में इस दौरान तामसिक चीजों से दूर रहें।
- यह व्रत कथा सुनने के बाद और पूजा करने के बाद ही पूर्ण होता है।
- इस दिन सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह शृंगार का विशेष महत्व है, ऐसे में व्रत के दौरान शृंगार अधूरा न रखें।
- तीज की रात महिलाएं भजन-कीर्तन कर जागरण करें।
- भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग न करें।
- व्रत के दौरान दूसरों के बारे में बुरा बोलने से बचें।
हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, अगले दिन यानी 27 जुलाई को रात 10 बजकर 41 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में इस साल हरियाली तीज का व्रत 26 जुलाई (Hariyali Teej Kab Hai?) को रखा जाएगा।