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दिव्य सुधा > अन्य > Deepawali 2025 : दीपावली के समय न करें ये गलती, वरना हो सकती है माँ लक्ष्मी नाराज
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Deepawali 2025 : दीपावली के समय न करें ये गलती, वरना हो सकती है माँ लक्ष्मी नाराज

दिव्यसुधा
Last updated: October 26, 2025 6:02 pm
दिव्यसुधा
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दिवाली की सफाई करते हुए महिला घर से पुराने सामान, फटे कपड़े और टूटी वस्तुएं निकालती हुई
दिवाली से पहले घर की सफाई से आती है समृद्धि, सुख और शुभ ऊर्जा — मां लक्ष्मी का स्वागत करने का सर्वोत्तम तरीका।
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दीपावली का पर्व नजदीक आते ही हर घर में सफाई, सजावट और नई चीजों की खरीदारी शुरू हो जाती है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाने वाली दीपावली को सबसे शुभ पर्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी घर में तभी प्रवेश करती हैं जब घर स्वच्छ, सुगंधित और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हो। यही कारण है कि दीपावली से पहले घर की सफाई को अत्यंत पवित्र कर्म माना गया है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार, इस सफाई के दौरान कुछ चीजों को घर में रखना बेहद अशुभ होता है। इनसे मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए जानें दीपावली की सफाई में किन वस्तुओं को हटाना आवश्यक है।

फटे और पुराने कपड़े करें बाहर
दीपावली के अवसर पर नए और साफ कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। घर की सफाई के दौरान फटे या पुराने कपड़ों को घर से निकालना आवश्यक है। जो कपड़े अब उपयोग में नहीं आ रहे हैं, उन्हें या तो दान कर दें या बाहर कर दें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फटे और गंदे कपड़े घर में दरिद्रता और दुर्भाग्य को आमंत्रित करते हैं।

टूटा हुआ शीशा न रखें
घर में टूटा हुआ आईना या कोई भी शीशे का सामान दुर्भाग्य का कारण माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि टूटा हुआ शीशा घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाता है और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव लाता है। इसलिए दीपावली की सफाई के दौरान टूटी हुई कोई भी वस्तु तुरंत बाहर कर दें।

खराब या बंद घड़ी से रुकती है प्रगति
यदि घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या बाहर निकाल दें। वास्तु शास्त्र कहता है कि बंद घड़ी जीवन की प्रगति और समय के प्रवाह को रोकती है। इससे घर में रुकावट और आर्थिक ठहराव आता है।

खंडित मूर्तियों का करें विसर्जन
घर के मंदिर की सफाई दीपावली से पहले सबसे पवित्र कार्य माना जाता है। यदि पूजा स्थान पर कोई मूर्ति टूटी या खंडित हो गई है, तो उसे कभी भी घर में न रखें। शास्त्रों के अनुसार, खंडित मूर्तियों को घर में रखना अपशकुन होता है। इन्हें साफ बहते जल में विसर्जित कर देना ही उचित होता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है और देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

टूटा हुआ फर्नीचर या लकड़ी का सामान
घर में रखा टूटा या दीमक लगा फर्नीचर नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। यह वास्तु दोष का कारण बनता है और परिवार के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। यदि फर्नीचर ठीक हो सकता है तो उसे मरम्मत कराएं, अन्यथा घर से बाहर कर दें।

फटे जूते-चप्पल रखें बाहर
अक्सर हम पुराने और फटे जूते-चप्पल घर में किसी कोने में रख देते हैं, लेकिन दीपावली से पहले इन्हें निकालना जरूरी है। वास्तु के अनुसार, पुराने जूते-चप्पल घर में दुर्भाग्य और दरिद्रता का प्रवेश कराते हैं।

बेकार पड़े सामान से बढ़ती है नकारात्मकता
घर में जंग लगे बर्तन, टूटे खिलौने, पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या खोटे सिक्के जैसी चीजें घर की सकारात्मक ऊर्जा को रोकती हैं। दीपावली की सफाई के दौरान इन्हें बाहर निकालना शुभ होता है। माना जाता है कि जब घर से बेकार वस्तुएं हटती हैं, तो नया सौभाग्य और समृद्धि का द्वार खुलता है।

TAGGED:Deepawali 2025vart tyoharदीपावलीसनातन धर्म
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