ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले मरकरी यानी बुध देव 30 अप्रैल 2026 को सुबह 06:38 बजे मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं। लंबे समय से वे मीन राशि में स्थित थे, जो उनकी नीच राशि मानी जाती है। ऐसे में इस गोचर से बुध की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा और कई लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय सावधानी बरतने का संकेत भी देता है।
वृषभ राशि पर प्रभाव
बुध का यह गोचर वृषभ राशि के दूसरे भाव में होगा, जो धन और वाणी का स्थान माना जाता है। इस दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, इसलिए आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं। मन में बेचैनी बनी रह सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। किसी भी बड़ी खरीदारी से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा।
कन्या राशि पर प्रभाव
कन्या राशि के लिए बुध दसवें भाव में गोचर करेंगे, जो करियर और कार्यक्षेत्र से जुड़ा होता है। इस समय काम का दबाव बढ़ सकता है और अचानक नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी में चुनौतियां सामने आ सकती हैं, इसलिए किसी भी निर्णय को सोच-समझकर लें। जल्दबाजी से बचना जरूरी है। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
मकर राशि पर प्रभाव
मकर राशि के चौथे भाव में बुध का गोचर घरेलू जीवन पर असर डाल सकता है। परिवार में मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है। मां की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है, इसलिए उनका ध्यान रखें। काम और घर के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभालना आवश्यक होगा।
बुध को प्रसन्न करने के उपाय
बुध देव की कृपा पाने के लिए गणेश की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। बुधवार के दिन व्रत रखें और बुध मंत्र का जाप करें। हरी वस्तुओं का दान करें, जैसे हरी मूंग या हरा वस्त्र। गाय को हरा चारा खिलाएं और इलायची या मीठा पान ग्रहण करें। इन उपायों से बुध के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में बुद्धि, व्यापार और संचार से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलती है।