Thursday, 30 Apr 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > बुद्ध पूर्णिमा 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ उपायवैशाखबुद्ध पूर्णिमा 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ उपाय
व्रत और त्योहार

बुद्ध पूर्णिमा 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ उपायवैशाखबुद्ध पूर्णिमा 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: April 30, 2026 12:50 pm
दिव्यसुधा
Share
बुद्ध पूर्णिमा पर चंद्रमा, पूजा थाली और भगवान बुद्ध की शांत मुद्रा का आध्यात्मिक दृश्य
बुद्ध पूर्णिमा 2026: स्नान-दान और पूजा से पाएं मानसिक शांति और पुण्य
SHARE

हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसका संबंध चंद्रमा से होता है। इन्हीं पूर्णिमाओं में वैशाख मास की पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है, अत्यंत विशेष मानी जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 1 मई को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी, इसलिए पूजा-पाठ और दान का महत्व 1 मई को अधिक रहेगा। इस दिन प्रातःकाल स्नान कर दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। स्नान-दान का शुभ समय सुबह 4:15 से 4:58 बजे तक रहेगा, वहीं शाम को लगभग 6:52 बजे चंद्र दर्शन किए जा सकते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है, जिससे उसकी ऊर्जा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है, इसलिए इस दिन किए गए उपाय जल्दी फल देते हैं। धार्मिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, इसलिए इसे कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन आत्मशुद्धि, साधना और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

पूजा विधि और लाभकारी उपाय
इस दिन सुबह स्नान के बाद व्रत रखें और शाम को चंद्रमा निकलने पर उन्हें जल अर्पित करें। अर्घ्य देते समय सफेद फूल, चावल और कुमकुम का प्रयोग करें और मन ही मन अपनी इच्छाओं को व्यक्त करें। इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन या वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है, वहीं हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से मानसिक तनाव और नकारात्मकता दूर होती है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पूर्णिमा के दिन चंद्र पूजा में बासी फूल या टूटे चावल का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस दिन क्रोध, नकारात्मक विचार और तामसिक भोजन से दूर रहना आवश्यक है। रात में चांदनी में बैठकर मंत्र जाप करना मन को शांति प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक परिणाम लाता है। श्रद्धा, संयम और सच्चे भाव से किए गए उपाय इस दिन विशेष फलदायी होते हैं।

TAGGED:कूर्म जयंतीचंद्र पूजा विधिज्योतिष उपायपूजा विधि हिंदीपूर्णिमा तिथिबुद्ध पूर्णिमा 2026वैशाख पूर्णिमासत्यनारायण कथास्नान दान महत्वहिंदू पर्व 2026
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article मेष राशि में सूर्य, बुध और मंगल का त्रिग्रही योग बनता हुआ ज्योतिषीय चित्र मई में बनेगा शक्तिशाली त्रिग्रही योग: जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत
Next Article भगवान नृसिंह का आधा सिंह आधा मनुष्य रूप, भक्त प्रह्लाद की रक्षा करते हुए नृसिंह जयंती 2026: साहस, भक्ति और न्याय का दिव्य पर्व
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

bhairav baba
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… माँ दुर्गा के कन्या पूजन में भैरो को क्यों मिला स्थान

By दिव्यसुधा
vishnu ji aur laxmi
व्रत और त्योहार

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के 5 सरल उपाय, बदल जाएगी किस्मत

By दिव्यसुधा
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करते हुए भक्त सूर्य देव की पूजा कर रहा है
आरती/मंत्र

आदित्य हृदय स्तोत्र: सूर्य उपासना से प्राप्त करें सौभाग्य, ऊर्जा और सफलता

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

अनंत चतुर्दशी 2025: गणपति विसर्जन के साथ क्यों खास है विष्णु की उपासना, जानिए अनंत सूत्र बांधने का महत्व

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?