Thursday, 16 Apr 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > भौम प्रदोष व्रत 2 दिसंबर 2025 : भगवान शिव की आराधना का शुभ अवसर
व्रत और त्योहार

भौम प्रदोष व्रत 2 दिसंबर 2025 : भगवान शिव की आराधना का शुभ अवसर

दिव्यसुधा
Last updated: December 1, 2025 12:04 pm
दिव्यसुधा
Share
भगवान शिव की भौम प्रदोष व्रत पूजा – 2 दिसंबर 2025
2 दिसंबर 2025 का भौम प्रदोष व्रत – भगवान शिव की पूजा, शुभ मुहूर्त और विधि
SHARE

2 दिसंबर 2025 को आने वाला भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत हर माह दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस बार यह व्रत मंगलवार को पड़ने के कारण भौम प्रदोष कहलाएगा। हिंदू धर्म में मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष विशेष रूप से ऋण मुक्ति, संकटों से छुटकारा और मंगल दोष से राहत प्रदान करने वाला माना जाता है। यह व्रत भक्त को धार्मिक शांति, मानसिक बल और आध्यात्मिक उन्नति देता है।

भौम प्रदोष व्रत 2025 : तिथि और समय
इस बार प्रदोष व्रत 2 दिसंबर को रखा जाएगा क्योंकि इसी दिन प्रदोष काल के दौरान त्रयोदशी तिथि मौजूद रहेगी। द्वादशी तिथि 2 दिसंबर को दोपहर बाद 3:58 बजे तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी, जो अगली दोपहर 3 दिसंबर को 12:26 बजे तक रहेगी। मगर प्रदोष व्रत उसी दिन किया जाता है जब प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि विद्यमान हो। 3 दिसंबर को प्रदोष काल के समय त्रयोदशी नहीं रहेगी, इसलिए व्रत का शुभ दिन केवल 2 दिसंबर है। इस दिन व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

भौम प्रदोष का शुभ मुहूर्त
भौम प्रदोष के दिन पूजा सोमवार या शनिवार के प्रदोष की तुलना में अधिक प्रभावी मानी जाती है क्योंकि इसमें मंगल ग्रह का शुभ प्रभाव जुड़ जाता है। इस दिन शिव भक्त सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेते हैं। शाम होते ही प्रदोष काल शुरू होते ही शिव पूजन आरंभ किया जाता है। पूजा के दौरान दीपक जलाना, धूप अर्पित करना और शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है। इस समय किया गया ध्यान और मंत्रजप अत्यधिक शुभ माना जाता है।

प्रातःकालीन शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त – 05:13 AM से 06:04 AM
इस समय भगवान शिव का ध्यान और मंत्रजप अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त की शांति साधना और प्रार्थना के लिए सर्वोत्तम होती है।

प्रातः संध्या – 05:38 AM से 06:56 AM
प्रातः संध्या में स्नान, संकल्प और पूजा स्थल की शुद्धि करने से पूरे दिन की आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। इस समय किया गया व्रत संकल्प मनोकामना पूर्ति में सहायक होता है।

प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त

गोधूलि मुहूर्त – 05:57 PM से 06:23 PM
गोधूलि का समय दिव्यता और शांति का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस समय देवताओं का आशीर्वाद सहजता से प्राप्त होता है।

सायाह्न संध्या – 06:00 PM से 07:17 PM
इसी दौरान प्रदोष व्रत की प्रमुख पूजा संपन्न होती है। इस समय शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अक्षत अर्पित करने से पापों से मुक्ति और कष्टों का शमन होता है।

भौम प्रदोष व्रत की पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद गंगाजल छिड़ककर पूजा स्थान को शुद्ध करें। स्वच्छ वस्त्र पहन कर भगवान शिव के समक्ष व्रत का संकल्प लें। पूरा दिन संयम और शांत मन से व्यतीत करें। शाम के प्रदोष काल में दीपक और धूप जलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, चंदन, फूल और फल भगवान शिव को अर्पित करें। मंत्रजप के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप अत्यधिक फलदायी माना जाता है। शाम की पूजा में शिव चालीसा पढ़ें और अंत में आरती करके प्रसाद अर्पित करें। व्रत का पारण प्रदोष काल के बाद प्रसाद ग्रहण करके करें। इस व्रत को सच्चे मन से करने पर भगवान शिव सभी दुखों को दूर करते हैं और भक्त को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

भौम प्रदोष व्रत का महत्व
मंगलवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष ऋण मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है। जो व्यक्ति आर्थिक संकट, कर्ज या किसी प्रकार की पारिवारिक परेशानी से जूझ रहा हो, उसे यह व्रत अवश्य करना चाहिए। शिवजी की कृपा से बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में नई दिशा मिलती है। इस व्रत से मंगल दोष भी शांत होता है और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है। भगवान शिव के आशीर्वाद से हर कठिनाई सरल हो जाती है।

TAGGED:Bharm Pradosh Vrat 2025Hindu Vrat 2025Lord Shiva WorshipPradosh Vrat December 2025Puja Muhurat 2025shiv puja vidhiShiva DevoteesSpiritual Articlesऋण मुक्ति उपायप्रदोष व्रत पूजा विधि
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article तमिलनाडु का करुम्बेश्वर शिव मंदिर – डायबिटीज के रोगियों के लिए आस्था का केंद्र
Next Article घर में सुख-समृद्धि बढ़ाने वाले वास्तु उपाय – सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में सुख-समृद्धि बढ़ाने वाले शुभ उपाय
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

शीतला अष्टमी पर माता शीतला की पूजा और बसौड़ा भोग अर्पित करते श्रद्धालु
व्रत और त्योहार

शीतला अष्टमी 2026: आरोग्य और सुख-समृद्धि का पावन पर्व, जानें बसौड़ा व्रत से जुड़ी 7 महत्वपूर्ण बातें

By Ekta Mishra
व्रत और त्योहार

अहोई अष्टमी पर करें ये खास उपाय, मां पार्वती की कृपा से बच्चों को मिलेगी हर कार्य में सफलता

By दिव्यसुधा
maa laxmi
व्रत और त्योहार

सुबह मुख्य द्वार पर करें ये आसान उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से बरसेगा धन और सुख-समृद्धि!

By दिव्यसुधा
शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026 पर भगवान शिव का अभिषेक और पूजा विधि
व्रत और त्योहार

शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026: तिथि, मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजा विधि

By Ekta Mishra
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?