Thursday, 24 Sep 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > अनंत चतुर्दशी 2026: आखिर अनंत सूत्र में 14 गांठें क्यों?
अन्य

अनंत चतुर्दशी 2026: आखिर अनंत सूत्र में 14 गांठें क्यों?

दिव्यसुधा
Last updated: September 24, 2026 12:12 pm
दिव्यसुधा
Share
अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र और भगवान विष्णु की पूजा
अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाले अनंत सूत्र का विशेष महत्व माना जाता है।
SHARE

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। अनंत चतुर्दशी 2026 में 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस पर्व की पूजा में 14 अंक का विशेष महत्व बताया गया है। अनंत सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं और इन गांठों को भगवान विष्णु की अनंत शक्ति तथा 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है।

14 गांठों वाले अनंत सूत्र का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, अनंत चतुर्दशी की पूजा में रेशम, सूती या कुशा के सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं। पूजा के बाद इस अनंत सूत्र को धारण करने की परंपरा है। पुरुष इसे दाहिनी और महिलाएं बाईं बांह में धारण करती हैं। इन 14 गांठों को भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों और ब्रह्मांड की व्यापकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि अनंत सूत्र भक्त को भगवान विष्णु की कृपा और सुरक्षा का स्मरण कराता है।

14 लोकों से जुड़ा है संबंध

हिंदू ब्रह्मांड-विचार में कुल 14 लोकों का उल्लेख मिलता है। इनमें सात ऊर्ध्व लोक—भूः, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः और सत्य लोक—माने गए हैं। वहीं सात अधोलोक—अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल बताए गए हैं। इस तरह 14 गांठों को इन 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह संख्या भगवान विष्णु की सर्वव्यापकता और संपूर्ण सृष्टि में उनकी उपस्थिति का प्रतीक मानी जाती है।

भगवान विष्णु के 14 नाम

अनंत चतुर्दशी की पूजा में भगवान विष्णु के नामों का स्मरण भी किया जाता है। विभिन्न परंपराओं में नामों की सूचियों में अंतर मिल सकता है, लेकिन अनंत, ऋषिकेश, पद्मनाभ, माधव, वैकुंठ, श्रीधर, मधुसूदन, वामन, त्रिविक्रम, केशव, नारायण, दामोदर और गोविंद जैसे विष्णु नामों का स्मरण किया जाता है। इन नामों के जाप को भगवान के विभिन्न स्वरूपों की आराधना से जोड़ा जाता है।

14 अंक का ज्योतिषीय और अंकशास्त्रीय कारण

अंकशास्त्र में 14 का मूलांक 5 माना जाता है, क्योंकि 1 और 4 का योग 5 होता है। अंक 5 का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। ज्योतिषीय परंपरा में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणना, व्यापार और संवाद का कारक माना जाता है। इसलिए कुछ मान्यताओं में 14 अंक को बुद्धि, संतुलन और व्यावहारिक जीवन से भी जोड़ा जाता है।

अनंत चतुर्दशी की 14 संख्या केवल एक अंक नहीं, बल्कि धार्मिक परंपराओं में 14 लोकों, भगवान विष्णु के स्वरूपों और अनंत सूत्र की 14 गांठों से जुड़ी प्रतीकात्मक मान्यता का हिस्सा है। इसी कारण इस पर्व पर 14 अंक को विशेष महत्व दिया जाता है।

TAGGED:14 Ank Ka Rahasya14 Ganth Anant Sutra14 LokAnant ChaturdashiAnant Chaturdashi 2026Anant Chaturdashi 2026 DateAnant Chaturdashi MahatvaAnant Chaturdashi PujaAnant SutraAnant VratBhagwan Vishnuhindu festivalLord VishnuVishnu Puja
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 24 सितंबर 2026 का मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल 24 सितंबर 2026 राशिफल: आज किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान?
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

हिंदू नववर्ष पर घर में लाई जा रही शुभ वस्तुएं जैसे चांदी का सिक्का, तुलसी का पौधा और कमल का फूल
अन्य

हिंदू नववर्ष 2026: इन शुभ वस्तुओं को घर लाकर करें साल की मंगलमय शुरुआत

By Ekta Mishra
माघ मेला 2026 प्रयागराज में दंडी स्वामियों को भूमि आवंटन और गंगा पूजन का दृश्य
अन्य

माघ मेला 2026: दंडी स्वामियों को सर्वप्रथम भूमि आवंटन, गंगा पूजन के बाद प्रारंभ होंगी आध्यात्मिक तैयारियां

By दिव्यसुधा
suryadev
अन्य

रविवार को भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का सेवन, सूर्य होंगे कमजोर और बढ़ेगा पितृ दोष

By दिव्यसुधा
हथेली की भाग्य रेखा का चित्र, हस्तरेखा विज्ञान में भाग्य रेखा का महत्व, शुभ और अशुभ संकेत
अन्य

भाग्य रेखा का रहस्य: जानें शुभ-अशुभ संकेत और हस्तरेखा विज्ञान

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?