उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इन दिनों सावन की भक्ति में सराबोर है। इसी क्रम में चौक कोतवाली स्थित प्राचीन कोतेश्वर महादेव मंदिर से भगवान शिव की भव्य नगर शोभायात्रा निकाली गई। भगवान कोतेश्वर महादेव को चांदी की आकर्षक पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया, जो पूरे इलाके में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों की छटा बिखेरता रहा।
भक्ति, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम
इस धार्मिक आयोजन में हज़ारों श्रद्धालु उमड़े। विशेष रूप से सजाई गई पालकी के साथ जब भगवान कोतेश्वर महादेव नगर भ्रमण पर निकले, तो वातावरण “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के नारों से गूंज उठा। जगह-जगह पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और फूल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बच्चों की विशेष भागीदारी
नगर भ्रमण की विशेषता रही बच्चों की सहभागिता। छोटे बच्चे देवी-देवताओं के स्वरूप में सजकर इस यात्रा की शोभा बने। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और संस्कार का माध्यम भी बनता जा रहा है।
नृत्य, संगीत और सजावट ने बांधा समां
ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्तगण शिव की स्तुति में लीन होकर झूमते नजर आए। यात्रा मार्ग पर रंगोली और फूलों से सजावट की गई थी, जिससे पूरा वातावरण शुभता और पवित्रता से भर गया। श्रद्धालु जगह-जगह पानी, फल और प्रसाद वितरण कर सेवा कार्य में भी लीन दिखे।

समाज को जोड़ने वाला पर्व
यह आयोजन न केवल भगवान शिव की आराधना का माध्यम है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी देता है। हिन्दू संस्कृति की जड़ों से जोड़ने वाला यह नगर भ्रमण हर वर्ष सावन मास का प्रमुख आकर्षण बन चुका है।