कार्तिक मास का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मास में किए गए धार्मिक कर्म, स्नान, दान और दीपदान का फल कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से कार्तिक पूर्णिमा के दिन का महत्व अत्यधिक बताया गया है। इस दिन देव दीपावली का पर्व भी मनाया जाता है, जिसे देवताओं की दीपावली कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन यदि व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ दीपक जलाता है, तो उसके जीवन से अंधकार मिट जाता है और देवी लक्ष्मी की कृपा से घर में धन, सुख और समृद्धि का वास होता है।
इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। तिथि की शुरुआत 4 नवंबर की रात 10:36 बजे से होकर 5 नवंबर की शाम 6:48 बजे तक रहेगी। इसी दिन शाम के समय देव दीपावली का भव्य आयोजन वाराणसी सहित देशभर के तीर्थस्थलों पर किया जाएगा। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन यदि कोई व्यक्ति आटे के पांच दीपक जलाकर विशेष स्थानों पर रखता है, तो मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में कभी भी दरिद्रता नहीं आती।
क्यों जलाएं आटे का दीपक?
आटे का दीपक जलाने के पीछे आध्यात्मिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से गहरा अर्थ है। आटा अन्न का प्रतीक है और अन्न को देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप माना गया है। इसलिए आटे से बने दीपक में जब घी और बाती से प्रकाश फैलता है, तो यह जीवन के हर अंधकार को मिटाकर समृद्धि और शांति लाता है।
1. तुलसी के नीचे जलाएं आटे का दीपक
कार्तिक पूर्णिमा की शाम को तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि तुलसी में स्वयं मां लक्ष्मी का वास होता है। जब आप इस दिन तुलसी के नीचे आटे का दीपक जलाते हैं, तो इससे धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में सुख-शांति का आगमन होता है। तुलसी के नीचे दीपक जलाने से पितृदोष, कर्ज और दरिद्रता जैसी बाधाओं का भी निवारण होता है।
2. घर के मुख्य द्वार पर रखें दीपक
मुख्य द्वार को घर का मुख कहा गया है। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा की शाम को मुख्य द्वार पर आटे का दीपक रखना अत्यंत शुभ होता है। इससे पहले दरवाजे को स्वच्छ जल से धोकर साफ करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, दरवाजे पर जलाया गया दीपक देवी लक्ष्मी को आकर्षित करता है और घर में धन और सौभाग्य का प्रवेश होता है। यह दीपक नकारात्मक ऊर्जाओं को बाहर रखता है और परिवार में समृद्धि का संचार करता है।
3. रसोईघर में जलाएं दीपक
रसोईघर को घर की अन्नशक्ति का केंद्र माना जाता है। यहां माता अन्नपूर्णा का वास होता है। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा की रात रसोईघर में एक दीपक जलाकर रखना बहुत शुभ माना गया है। इसे पानी के बर्तन या अन्न रखने वाली जगह के पास रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं रहती, परिवार में स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है और माता अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिलता है।
4. घर की छत पर रखें दीपक
यदि आप अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखना चाहते हैं, तो कार्तिक पूर्णिमा की शाम को छत पर एक आटे का दीपक अवश्य रखें। यह दीपक घर के चारों दिशाओं में सकारात्मक ऊर्जा का प्रकाश फैलाता है। इस उपाय से घर में सुख, शांति और सौभाग्य का वातावरण बनता है और देवी लक्ष्मी की कृपा स्थायी रहती है।
5. आंगन में जलाएं आटे का दीपक
घर का आंगन देवताओं का प्रवेश द्वार माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा की शाम प्रदोष काल में पूजा के बाद आंगन में दीपक जलाना देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम उपाय माना गया है। इस दीपक के प्रकाश से घर का माहौल सकारात्मक और पवित्र बनता है। यदि परिवार में कलह या मानसिक तनाव रहता है, तो यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी होता है। इससे आपसी प्रेम, समझदारी और खुशहाली बढ़ती है।
आटे के दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा 2025 पर दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम 5:15 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। इस अवधि में दीपक जलाने से फल कई गुना बढ़ जाता है।
आटे का दीपक: समृद्धि और श्रद्धा का प्रतीक
आटे का दीपक जलाना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और आस्था का प्रतीक है। जब भक्त इस दिन पूरे मन से पूजा और दीपदान करता है, तो उसके जीवन में आर्थिक स्थिरता, मान-सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति आती है।
इस प्रकार कार्तिक पूर्णिमा की शाम पांच स्थानों पर आटे के दीपक जलाना एक सरल, पवित्र और अत्यंत प्रभावी उपाय है जो न केवल धन की वृद्धि करता है, बल्कि जीवन में हर प्रकार की खुशहाली और दिव्यता का संचार भी करता है।