Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > पंचांग > Karwa Chauth Puja 2025: अशुभ व्यतीपात योग में कैसे करें करवा चौथ की पूजा? जानें सही समय और उपाय
पंचांग

Karwa Chauth Puja 2025: अशुभ व्यतीपात योग में कैसे करें करवा चौथ की पूजा? जानें सही समय और उपाय

दिव्यसुधा
Last updated: October 9, 2025 6:16 pm
दिव्यसुधा
Share
SHARE

करवा चौथ का व्रत हर साल सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस बार करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। लेकिन इस बार का करवा चौथ थोड़ा अलग है, क्योंकि पूजा के समय एक अशुभ योग – व्यतीपात योग बन रहा है। ऐसे में कई महिलाएं असमंजस में हैं कि क्या इस योग में पूजा करनी चाहिए या नहीं। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार सही समय और उपाय।

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 57 मिनट से शाम 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। यह समय प्रदोष काल में आता है, जो पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। व्रती महिलाओं को लगभग 1 घंटे 14 मिनट का शुभ समय पूजा के लिए प्राप्त होगा। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि व्यतीपात योग इससे पहले ही लग जाएगा, जो इस बार चर्चा का विषय बना हुआ है।

करवा चौथ पर व्यतीपात योग का प्रभाव
पंचांग के अनुसार, व्यतीपात योग 10 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यानी करवा चौथ की पूजा के दौरान यह योग सक्रिय रहेगा।

हिंदू ज्योतिष में व्यतीपात योग को अशुभ और विघ्नकारक माना गया है। इस योग में गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, या नया व्यापार शुरू करने जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इस योग के दौरान मानसिक बेचैनी, विवाद और अस्थिरता बढ़ने की संभावना रहती है। लेकिन क्या इस कारण से करवा चौथ की पूजा नहीं करनी चाहिए? इसका जवाब है नहीं। पूजा तभी की जा सकती है, जब विधि और भाव दोनों सही हों।

व्यतीपात योग में भी मिल सकता है शुभ फल
हालांकि व्यतीपात योग को सामान्यत: अशुभ कहा गया है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार, यह योग पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। इस समय दान, जप, ध्यान और शिव पूजा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।

व्यतीपात योग के देवता रुद्र (शिव) और यमराज हैं, जबकि इसके अधिष्ठाता ग्रह राहु हैं। ऐसे में इस योग में शिव पूजा और रुद्राभिषेक करने से हर प्रकार की बाधा और दोष दूर होते हैं। इसलिए यदि करवा चौथ की पूजा इस योग के दौरान पड़ रही है, तो भगवान शिव-पार्वती की आराधना करना अत्यंत शुभ रहेगा।

करवा चौथ पूजा की विधि
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह स्नान कर निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। दिन भर व्रत रखने के बाद सूर्यास्त के बाद चंद्र दर्शन कर पूजा संपन्न की जाती है। पूजा के दौरान भगवान गणेश, माता गौरी, भगवान शिव और चंद्र देव की आराधना की जाती है। इस बार चूंकि व्यतीपात योग रहेगा, इसलिए पूजा के समय शिव मंत्रों का जाप करना बेहद लाभकारी रहेगा, जैसे – “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र” का जप। यह राहु दोष को शांत करने के साथ परिवार में सुख-शांति और वैवाहिक सौहार्द को भी बढ़ाता है।

क्या करें और क्या न करें

करें:
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
रुद्र मंत्रों और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
जरूरतमंदों को वस्त्र, भोजन या दान दें।
मन और वाणी पर संयम रखें।

न करें:
किसी से विवाद या कटु वाणी का प्रयोग न करें।
नया कार्य या निवेश शुरू न करें।
नकारात्मक विचार या तनाव से दूर रहें।

करवा चौथ का व्रत एक अनुष्ठान होने के साथ प्यार, आस्था और विश्वास का प्रतीक है। व्यतीपात योग के बावजूद, अगर आप श्रद्धा और संयम के साथ पूजा करें, तो यह दिन आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाएगा। इस योग में शिव परिवार की पूजा करने से सभी दोषों की शांति होती है और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। इसीलिए कहा गया है “श्रद्धा से किया गया कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता।” इस करवा चौथ पर, मन की शुद्धता और प्रेम के साथ भगवान शिव-पार्वती की आराधना करें वही सबसे बड़ा शुभ फल देगा।

TAGGED:Karwa Chauthpanchangकरवा चौथकरवा चौथ व्रत
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article नए घर में प्रवेश से पहले जानें ये जरूरी वास्तु नियम, वरना हो सकती है धन और सुख की हानि
Next Article करवा चौथ 2025: आज आपके शहर में कब होगा चन्द्रमा का दर्शन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

featuredराशिफल

आज का राशिफल: 22 जुलाई 2025

By दिव्यसुधा
panchang
पंचांग

4 जून 2025 पंचांग : जानिए महेश नवमी के दिन शुभ योग के साथ नक्षत्र, शुभ- अशुभ काल

By दिव्यसुधा
सूर्य और शुक्र का दुर्लभ संयोग 2025 – मकर, तुला और कुंभ राशि के लिए शुभ प्रभाव
पंचांग

आज का पंचाग: 17 अगस्त 2025

By दिव्यसुधा
panchang
पंचांग

पंचांग 1 जून 2025 दिन रविवार

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?