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दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > चारधाम यात्रा इन तीर्थों के बिना अधूरी: जानिए किन स्थानों की है विशेष महत्ता
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चारधाम यात्रा इन तीर्थों के बिना अधूरी: जानिए किन स्थानों की है विशेष महत्ता

दिव्यसुधा
Last updated: May 3, 2025 11:51 am
दिव्यसुधा
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बद्रीनाथ धाम , केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री
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Written by: Ekta Mishra

भारत में चार धाम यात्रा का खास धार्मिक महत्व है। इसमें चार प्रमुख तीर्थस्थान शामिल हैं – बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। ऐसा माना जाता है कि इन स्थानों की यात्रा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करते हैं।

चार धाम यात्रा सनातन धर्म की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा मानी जाती है, जिसे न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में महत्व दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति यह यात्रा करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसका पुनर्जन्म नहीं होता। यह यात्रा हर साल अप्रैल से सितंबर तक होती है। इसमें चार प्रमुख तीर्थ शामिल हैं – बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। इसके अलावा एक “छोटा चार धाम” भी माना जाता है, जिसमें बद्रीनाथ धाम के आसपास के चार तीर्थों की यात्रा की जाती है। इस यात्रा में श्रद्धा और धर्म के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच भी देखने को मिलता है। हिमालय की बर्फीली पहाड़ियां, झरने, नदियां और ट्रेकिंग के सुंदर रास्ते इसे खास बनाते हैं।

क्या है छोटा चारधाम

जब कोई व्यक्ति बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर जाता है, तो वहां के पास मौजूद तीन अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा किए बिना यह यात्रा पूरी नहीं मानी जाती। ये चार धाम हैं – बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। सनातन धर्म में इन चारों तीर्थों की यात्रा को बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। आइए अब इन सभी तीर्थ स्थलों के बारे में सरल और विस्तार से जानते हैं।

बद्रीनाथ धाम :

बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में हिमालय की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित है। यह भगवान विष्णु का तपस्थल माना जाता है और उनके चार प्रमुख धामों में से एक है। यहाँ भगवान विष्णु के चरण पादुका, वसुधारा जलप्रपात, वासुकी ताल और सतोपंथ त्रिकोणीय झील जैसे सुंदर और देखने लायक स्थान मौजूद हैं। ये सभी जगहें बर्फ से ढकी रहती हैं, जो इस तीर्थ यात्रा को और भी खास बनाती हैं।

केदारनाथ :

केदारनाथ धाम भगवान शिव को समर्पित है और यह उनके 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां भगवान केदारनाथ के दर्शन के बाद आप आसपास के सुंदर और पवित्र स्थलों जैसे गौरीकुंड, त्रिगुणीनारायण मंदिर, गुप्तकाशी और भैरवनाथ मंदिर भी देख सकते हैं। केदारनाथ की गिनती दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में होती है।

गंगोत्री :

गंगोत्री धाम मां गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है। यहां पास में ही गोमुख नाम की जगह है, जहां से गंगा नदी निकलती है, जो बहुत ही पवित्र और दुर्लभ स्थान है। इसी क्षेत्र में भागीरथी शिला भी है, जहां राजा भगीरथ ने कठोर तप करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था ताकि गंगा को धरती पर लाया जा सके।

यमनोत्री :

यमुनोत्री धाम को मां यमुना का निवास स्थान माना जाता है और चारधाम यात्रा की शुरुआत यहीं से होती है। यहां आने पर आप सूर्यकुंड, हनुमान चट्टी और सप्तऋषि कुंड जैसी पवित्र और खूबसूरत जगहों को भी देख सकते हैं। यह जगह धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।

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