शारदीय नवरात्रि का आरंभ हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है।नवरात्रि के नौ दिन तक मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का व्रत करने से मां दुर्गी की विशेष कृपा व्यक्ति पर बनी रहती है। साथ ही घर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि मिलती है। जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा के साथ इन 9 दिन पूजा पाठ करता है मां दुर्गा उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। हालांकि, पंचांग में एक साथ दो तिथि एक दिन होने से कभी नवरात्रि 9 दिन की तो कभी पूरे 10 दिन की होती है।
इस बार नवरात्रि का पर्व 22 सितंबर से आरंभ हो रहा है। हर बार माता का आगमन और प्रस्थान का वाहन होता है इस बार माता का आगमन कई शुभ योग के साथ हाथी पर होने जा रहा है। ऐसे में यह वर्ष किसान और कृषि के लिए उत्तम वर्ष रहेगा। देश की आर्थिक उन्नति होगी। इसके साथ ही माता के हाथी पर आने से इस साल कई राशियों के लिए शुभ लाभ की स्थिति बनेगी। आइए जानते हैं माता के हाथी पर आगमन से किन-किन राशियों को मिलेगा खूब लाभ,
नवरात्रि का विशेष ज्योतिषीय संयोग
इस बार नवरात्रि में:
- शक्ति योग, सिद्धि योग और अमृत योग का त्रिगुण संयोग बन रहा है।
- साथ ही शुक्र, गुरु और चंद्रमा शुभ भावों में गोचर कर रहे हैं।
- यह संयोग दुर्लभ है और ऐसे समय में किया गया साधना, व्रत और मंत्र जाप अनेक गुना फलदायी होता है।
इन 5 राशियों पर बरसेगी माता रानी की विशेष कृपा
1. वृषभ राशि
इस नवरात्रि वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक लाभ, नए अवसर और पारिवारिक सुख का आशीर्वाद मिलेगा। अटका हुआ पैसा वापस आ सकता है और नौकरी में प्रमोशन के योग बनेंगे।
2. सिंह राशि
मां दुर्गा की कृपा से आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होगा। सिंह राशि वालों को मान-सम्मान और समाज में प्रतिष्ठा मिलने के प्रबल योग हैं।
3. तुला राशि
संतान से संबंधित चिंता दूर होगी और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। व्यवसाय में भी नया विस्तार हो सकता है। देवी मां की पूजा करने से पुराने रोग भी ठीक हो सकते हैं।
4. वृश्चिक राशि
पुरानी बाधाएं समाप्त होंगी और माता की विशेष कृपा से नया अध्यात्मिक मार्ग खुलेगा। ध्यान, साधना या तंत्र-साधना करने वालों के लिए यह समय अत्यंत शुभ है।
5. मीन राशि
मीन राशि वालों को किस्मत का साथ मिलेगा, विशेषकर शिक्षा और करियर में। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं।
क्या करें इस नवरात्रि में: माता की कृपा पाने के उपाय
- प्रतिदिन माता के 9 रूपों का ध्यान करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- नवरात्रि के 9 दिनों में कम से कम एक कन्या का पूजन और भोजन कराएँ।
- घर में लाल कपड़ा बिछाकर माता की मूर्ति स्थापित करें और रोज़ आरती करें।
- अपने नाम का नवरात्रि विशेष बीज मंत्र जाप करें।
नवरात्रि सिर्फ त्योहार नहीं, आत्मशक्ति जागरण का समय है
नवरात्रि का मतलब सिर्फ उपवास या पूजा नहीं होता — यह आत्मशुद्धि, ऊर्जा पुनर्निर्माण और आध्यात्मिक उत्थान का समय होता है। यदि इस दौरान ग्रह-नक्षत्र और योग अनुकूल हों, तो इसका प्रभाव जीवन पर लंबे समय तक रहता है।
नवरात्रि 2025 के संयोग में छिपा है चमत्कारी अवसर
इस बार बन रहे शुभ योग में अगर श्रद्धा और निष्ठा से माता दुर्गा की साधना की जाए, तो जीवन की अनेक परेशानियाँ दूर हो सकती हैं। न केवल मनोकामनाएं पूरी होंगी, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में नयी ऊर्जा और सफलता का संचार होगा।
शारदीय नवरात्रि 2025 (तारीख) कैलेंडर
1) 22 सितंबर 2025 नवरात्रि का पहला दिन : मां शैलपुत्री की पूजा
2) 23 सितंबर 2025 नवरात्रि के दूसरे दिन : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
3) 24 सितंबर 2025 नवरात्रि के तीसरे दिन : मां चंद्रघंटा की पूजा
4) 25 सितंबर 2025 नवरात्रि का तीसरे दिन : मां चंद्रघंटा की पूजा
5) 26 सितंबर 2025 नवरात्रि का चौथा दिन : मां कूष्माण्डा की पूजा
6) 27 सितंबर 2025 नवरात्रि का पांचवां दिन : मां स्कंदमाता की पूजा
7) 28 सितंबर 2025 नवरात्रि का छठा दिन : मां कात्यायनी की पूजा
8) 29 सितंबर 2025 नवरात्रि का सातवां दिन : मां कालरात्रि की पूजा
9) 30 सितंबर 2025 नवरात्रि का आठवा दिन : मां महागौरी सिद्धिदात्री की पूजा
10) 1 अक्टूबर 2025 नवरात्रि का नौवां दिन :मां सिद्धिदात्री की पूजा
बता दें कि इस बार तृतीया तिथि का नवरात्रि दो दिन रहेगा। दरअसल, 24 सितंबर को सूर्योदय होने के साथ ही तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा और 25 तारीख में सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक सूर्योदय व्यापनी रहेगी इसलिए इस दिन भी तृतीया तिथि का नवरात्रि माना जाएगा। इसलिए दोनों दिन ही 24 और 25 तारीख को मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी।