Sunday, 21 Jun 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > धूमावती जयंती 2026: जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और क्यों नहीं करतीं सुहागिन महिलाएं मां धूमावती की पूजा
अन्य

धूमावती जयंती 2026: जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और क्यों नहीं करतीं सुहागिन महिलाएं मां धूमावती की पूजा

दिव्यसुधा
Last updated: June 21, 2026 12:16 pm
दिव्यसुधा
Share
मां धूमावती जयंती से जुड़ा धार्मिक चित्र, जिसमें देवी धूमावती का रहस्यमय स्वरूप दर्शाया गया है।
मां धूमावती का स्वरूप वैराग्य, त्याग और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक माना जाता है।
SHARE

सनातन धर्म में आदिशक्ति के अनेक स्वरूपों का वर्णन मिलता है। इनमें कुछ स्वरूप सौम्य और कल्याणकारी माने जाते हैं, तो कुछ स्वरूप जीवन के गूढ़ रहस्यों, वैराग्य और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक हैं। दस महाविद्याओं में शामिल मां धूमावती का स्वरूप भी ऐसा ही माना जाता है। तंत्र शास्त्र में मां धूमावती को विशेष महत्व प्राप्त है और उनकी उपासना मुख्य रूप से तांत्रिक साधनाओं तथा आध्यात्मिक सिद्धियों के लिए की जाती है।

हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को धूमावती जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 22 जून, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन साधक और श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना कर मां धूमावती का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

कौन हैं मां धूमावती?
मां धूमावती दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या मानी जाती हैं। उनका स्वरूप अन्य देवियों से भिन्न है। उन्हें वृद्धा, वैराग्यपूर्ण और विधवा स्वरूप में चित्रित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां धूमावती जीवन के उस सत्य का प्रतिनिधित्व करती हैं जो मोह, माया और सांसारिक आकर्षण से परे है। उनका स्वरूप त्याग, तपस्या, वैराग्य और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक माना जाता है।

तंत्र शास्त्र में मां धूमावती की साधना को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। कहा जाता है कि उनकी कृपा से साधक को भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

धूमावती जयंती 2026 के शुभ मुहूर्त
धूमावती जयंती के दिन पूजा और साधना के लिए कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं—

  • सुबह 09:07 बजे से 10:48 बजे तक
  • दोपहर 12:02 बजे से 12:55 बजे तक
  • दोपहर 02:09 बजे से 03:50 बजे तक
  • शाम 05:30 बजे से 07:11 बजे तक
    इन शुभ समयों में पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।

मां धूमावती की पूजा विधि
धूमावती जयंती के दिन प्रातःकाल स्नान करके व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद घर के किसी स्वच्छ और शांत स्थान पर मां धूमावती का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। पूजा की शुरुआत देवी को कुमकुम का तिलक लगाकर करें और पुष्प या फूलों की माला अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें। फिर कुमकुम, अक्षत, फल, वस्त्र तथा अन्य पूजन सामग्री देवी को समर्पित करें। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है—
“ॐ धूमावत्यै विद्महे संहारिण्यै धीमहि तन्नो धूमा प्रचोदयात्।”
मंत्र जाप के बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार देवी को भोग अर्पित करें। अंत में मां धूमावती की कथा सुनें और आरती कर पूजा संपन्न करें।

सुहागिन महिलाओं को क्यों नहीं करनी चाहिए पूजा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां धूमावती का स्वरूप विधवा स्त्री के समान माना जाता है। इसी कारण पारंपरिक रूप से सुहागिन महिलाओं को उनकी पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि मां धूमावती का यह स्वरूप वैराग्य और सांसारिक सुखों से दूरी का प्रतीक है, जबकि सुहागिन स्त्रियां सौभाग्य और गृहस्थ जीवन की समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं।

हालांकि विभिन्न परंपराओं और मतों में इस विषय पर अलग-अलग विचार भी मिलते हैं। इसलिए किसी भी विशेष साधना या पूजा को करने से पहले योग्य गुरु या विद्वान आचार्य का मार्गदर्शन लेना उचित माना जाता है।

मां धूमावती केवल एक देवी स्वरूप नहीं, बल्कि जीवन के उस गहन सत्य का प्रतीक हैं जो हमें सिखाता है कि संसार में हर वस्तु नश्वर है। उनका स्वरूप हमें मोह, अहंकार और आसक्ति से ऊपर उठकर आत्मज्ञान और आध्यात्मिक चेतना की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। धूमावती जयंती का पर्व साधकों के लिए आत्मचिंतन, साधना और देवी कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है।

TAGGED:Devotional Contenthindu festivalHindu Goddesshindu mythologyIndian FestivalsJyotish & VratMaa DhumavatireligionSpiritualityTantra Mantra
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article आज का राशिफल 12 राशियों के लिए, जिसमें मेष से मीन तक सभी राशियों के करियर, व्यापार, प्रेम और स्वास्थ्य से जुड़े संकेत दर्शाए गए हैं। 21 जून 2026 राशिफल: मेष से मीन तक जानें करियर, धन और स्वास्थ्य का हाल
Next Article भगवान हनुमान से जुड़ी कथाओं में उनके पराक्रम और विनम्रता के विभिन्न प्रसंग दर्शाए गए हैं, जिनमें कुछ घटनाएं उनकी शक्ति और मर्यादा का प्रतीक मानी जाती हैं। क्या कभी हनुमान जी भी हुए थे पराजित? जानिए उन 3 योद्धाओं के बारे में जिनके सामने झुकना पड़ा पवनपुत्र को
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

सुबह उठते ही आईना देखने की आदत और उसका वास्तु प्रभाव
अन्य

सुबह उठते ही आईना देखना: क्या यह आदत आपके दिन को प्रभावित करती है?

By दिव्यसुधा
पौष पूर्णिमा 2026 पर संगम स्नान और दान करते श्रद्धालु
अन्य

पौष पूर्णिमा 2026: स्नान, दान का महत्व, शुभ मुहूर्त और माघ मेला आरंभ

By दिव्यसुधा
दीपावली पूजा में पताशा और चीनी के खिलौनों का महत्व, मां लक्ष्मी और गणेश जी को अर्पित किए जा रहे पताशे और मिठाइयाँ
अन्य

दीपावली पर पताशा और चीनी के खिलौनों का रहस्य: मिठास में छिपा आध्यात्मिक संदेश

By दिव्यसुधा
मां धूमावती की आरती का आध्यात्मिक चित्रण, जिसमें देवी का रहस्यमय स्वरूप, धूप-दीप और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाया गया है।
आरती/मंत्र

मां धूमावती की आरती: लाभ, पूजा विधि और महत्व

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?