उज्जैन की पावन भूमि सदियों से शिव भक्ति की धारा को जीवंत रखती आई है। बाबा महाकाल की इस नगरी में स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर उन दुर्लभ स्थानों में से एक है जहां श्रद्धालुओं को कर्ज, दुख और आर्थिक बाधाओं से मुक्ति मिलने का विश्वास है। त्रेता युग से प्रचलित यह स्थल शिप्रा नदी के पवित्र तट पर स्थित है और आध्यात्मिक साधना का अत्यंत शक्तिशाली केंद्र माना जाता है।
त्रेता युग की कथा और कर्ज मुक्ति का वरदान
मान्यता है कि राजर्षि हरिश्चंद्र, जिन्हें सत्य और धर्म के लिए जाना जाता है। एक समय भयंकर ऋण के बोझ से दब गए थे। विश्वामित्र को दान देने का उनका संकल्प अधूरा रह गया, जिससे वे मानसिक रूप से व्याकुल हो उठे। समाधान की खोज में वे इसी स्थल पर आए और भगवान शंकर की कठोर साधना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें ऋण मुक्ति का वरदान दिया। इसी घटना के बाद यह स्थान “ऋण मुक्तेश्वर” नाम से प्रसिद्ध हुआ। कहते हैं कि शिवशंकर ने यह आशीर्वाद भी दिया कि जो भी भक्त सत्य, भक्ति और श्रद्धा के साथ यहां दर्शन करेगा, उसे हर प्रकार के ऋण से मुक्ति अवश्य मिलेगी।
वटवृक्ष में स्थापित प्राचीन शिवलिंग
इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यह एक विशाल वटवृक्ष के तने में स्थापित है। ऐसा दृश्य पूरे भारत में अत्यंत दुर्लभ है। वटवृक्ष को आयु, स्थिरता और संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इसी वृक्ष के भीतर स्थापित ऋण मुक्तेश्वर महादेव का शिवलिंग आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण अनुभव कराता है।
मंदिर परिसर में माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की भी प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं, जो दर्शन को पूर्णता प्रदान करती हैं मंगलवार–शनिवार की ‘पीली पूजा’ ऋण मुक्ति का विशेष विधान यहां प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को किया जाता है। इसे पीली पूजा कहा जाता है। इस पूजा में श्रद्धालु पीले कपड़े में चना दाल, हल्दी और गुड़ बांधकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। माना जाता है कि यह पूजा कर्ज राहत, व्यापार उन्नति और आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है। हजारों भक्त इस विशेष अनुष्ठान में हर सप्ताह शामिल होते हैं।
कर्ज और परेशानियों से मुक्ति का आध्यात्मिक मार्ग
आचार्य अनिल शर्मा के अनुसार, यदि जीवन में व्यापारिक कारणों से, नौकरी में नुकसान से या किसी अन्य वजह से कर्ज बढ़ गया हो, तो व्यक्ति यहां आकर सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करे। यहां की साधना मन के बोझ, चिंता, भय और आर्थिक संकट को दूर करती है। यह केवल मंदिर नहीं, बल्कि आशा और शक्ति का प्राचीन द्वार है।
उज्जैन — शिवभक्ति का अमर नगर
बाबा महाकाल की नगरी में ऋण मुक्तेश्वर महादेव का महत्व अत्यंत अद्वितीय है। कहा जाता है कि उज्जैन में भगवान शिव का स्पंदन हर कण और हर श्वास में विद्यमान है। यहां आने वाले भक्तों के कष्ट अपने आप दूर होने लगते हैं।